वेनेजुएला में भूकंप से हाहाकार, हजारों मौतें होने की आशंका, मदद को तैयार भारत

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। देश के उत्तरी तट के पास कुछ ही सेकंड के अंतराल पर आए इन भूकंपों से राजधानी काराकस समेत कई इलाकों में दहशत फैल गई। कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और लोगों को घर छोड़कर सड़कों पर आना पड़ा। भूकंप के बाद पूरे देश में इंटरनेट और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। सरकार ने कई क्षेत्रों में आपातकाल जैसी स्थिति घोषित कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जबकि करीब 40 सेकंड बाद दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप 7.5 तीव्रता के साथ आया। भूकंप का केंद्र मोंटाल्बान क्षेत्र के उत्तर-पश्चिम में लगभग 28 किलोमीटर दूर बताया गया है। यह इलाका देश की प्रमुख तेल रिफाइनरियों के लिए भी जाना जाता है।

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घबराकर अपने परिवार और पालतू जानवरों के साथ घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। राजधानी काराकस में कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। राहत एजेंसियां लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

भूकंप के बाद सुनामी की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन यूएस सुनामी चेतावनी केंद्र ने बाद में स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र के लिए सुनामी का खतरा नहीं है। प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स सहित अन्य क्षेत्रों के लिए जारी शुरुआती चेतावनी भी वापस ले ली गई।

इस बीच, भारत सरकार ने वेनेजुएला की स्थिति पर नजर रखते हुए राहत और बचाव सहायता की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संभावित अंतरराष्ट्रीय राहत मिशन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, यदि अंतिम मंजूरी मिलती है तो NDRF की विशेष टीम अत्याधुनिक खोज एवं बचाव उपकरणों, मेडिकल सहायता सामग्री और विशेषज्ञों के साथ वेनेजुएला भेजी जा सकती है। यह टीम मलबे में फंसे लोगों को निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाने में मदद करेगी।

भारत पहले भी दुनिया के कई देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता और राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में वेनेजुएला के लिए संभावित सहायता मिशन को भारत की वैश्विक मानवीय प्रतिबद्धता का हिस्सा माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वेनेजुएला में आए इस विनाशकारी भूकंप पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि इस त्रासदी से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। हालांकि, भारत की ओर से राहत दल भेजने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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