पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ छेड़ा ‘फाइनल वॉर’
पंजाब में नशे की लत एक बड़ी सामाजिक समस्या बन चुकी है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अब एक निर्णायक जंग छेड़ दी है। सरकार ने ‘नशा मुक्त पंजाब’ बनाने के लिए एक ठोस योजना तैयार की है और अब इसके लिए एक आखिरी तारीख भी तय कर दी गई है। पंजाब पुलिस के डीजीपी (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) गौरव यादव ने इस अभियान को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने राज्य के सभी एसएसपी (सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) और सीपी (कमिश्नर ऑफ पुलिस) को साफ शब्दों में कहा है कि 31 मई 2025 तक अपने-अपने इलाके को पूरी तरह नशा मुक्त करना होगा।
31 मई 2025 तक पूरा करना है ‘नशा मुक्त पंजाब’ मिशन
डीजीपी ने आदेश में यह भी कहा है कि हर एसएसपी को खुद जिम्मेदारी लेनी होगी और यह बताना होगा कि वह अपने जिले में नशा कैसे खत्म करेगा। इसके लिए उन्हें एक ठोस कार्ययोजना बनानी होगी और उस पर ईमानदारी से काम करना होगा। अगर कोई अधिकारी इस अभियान को समय पर पूरा नहीं कर पाया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली चुनाव के बाद तेज हुआ अभियान
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने इस मुहिम को और तेज कर दिया है। इसका कारण यह है कि पंजाब सरकार 2022 के चुनाव से पहले लोगों से यह वादा कर चुकी थी कि वह राज्य को नशा मुक्त बनाएगी।
अब जबकि अगला विधानसभा चुनाव सिर्फ दो साल दूर है, सरकार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहती। वह यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को दिखे कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह गंभीर है।
‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ — एक विशेष अभियान
पंजाब सरकार ने इस अभियान को एक विशेष नाम दिया है — ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’। यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक गंभीर मिशन है, जिसे सफल बनाने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई गई है।
इस कमेटी की अगुवाई पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा कर रहे हैं। उनके साथ राज्य सरकार के चार और मंत्री भी इस मुहिम में शामिल हैं। यह कमेटी पूरे अभियान की निगरानी कर रही है, ज़मीनी स्तर की स्थिति का जायज़ा ले रही है और लगातार सरकार और पार्टी के हाईकमान को रिपोर्ट भेज रही है।
सरकार का मकसद साफ है — पंजाब के युवाओं को नशे से बचाना और एक सुरक्षित, स्वस्थ और उज्जवल भविष्य देना। यह अभियान न सिर्फ नशा बेचने वालों पर कार्रवाई करेगा, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों का इलाज और पुनर्वास भी सुनिश्चित करेगा।
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