उत्तर प्रदेश

DM-CMO विवाद पर जारी तीखी बहस, विपक्षी दलों ने शुरू कर दी टीका-टिप्पणी, सपा और कांग्रेस ने प्रशासन को घेरा

DM-CMO विवाद पर जारी तीखी बहस

कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच विवाद ने अब इतना बड़ा रूप ले लिया है कि, अब इस पर विपक्षी दलों ने भी बयान बाजी शुरू कर दी है। विपक्षी दलों के लिए ये विवाद प्रशासन को घेरने के लिए अहम साबित हो रहा है। विपक्षी दलों में सपा ने इस पर कटाक्ष किया है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीएम और सीएमओ के बीच चल रहे विवाद के हुए राजनीतिकरण पर सवाल किया तो अखिलेश ने कहा पहले सुनते थे DCM और OCM के बीच टकराव था। मगर अब तो डिब्बे भी टकरा रहे हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ओसीएम यानि की आउटगोइंग सीएम हो गए हैं। पहले इंजन टकरा रहे थे, फिर डिब्बे टकराने लगे और गार्ड के डिब्बे भी टकराने लगे हैं। अब अफसर भी टकरा रहे हैं। उसी का परिणाम है कि कोई लूटा जा रहा है, कोई पीटा जा रहा है।

आपको बता दें कि सपा प्रमुख से पहले ही कानपुर की आर्य नगर सीट से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि हम दर्शक बनकर देख रहे हैं। अधिकारियों के विवाद में आम आदमी ठगा जा रहा है। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती है, जबकि अधिकारियों का विवाद ये दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है।

विधायक ने आगे कहा कि, ये लड़ाई असल में डीएम और सीएमओ की नहीं है। ये लड़ाई मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के बीच की है। जो विधायक जिस गोल का है, उसी अधिकारी के पक्ष में लेटर लिख रहा है। जनता सब देख रही है और बर्दाश्त कर रही है।

वही इस विवाद पर सपा विधायक मो. हसन रूमी ने मामले में बताया कि कानपुर डीएम ने कांशीराम अस्पताल का निरीक्षण किया था और स्वास्थ्य सेवाओं को अच्छा करने का प्रयास किया था।
स्वास्थ्य सेवाएं कानपुर में अच्छी नहीं हैं। आम आदमी इलाज कराने के लिए परेशान है। मेरा डीएम और सीएमओ से कोई लेनादेना नहीं है। डीएम के कार्यों की सराहना करते हैं।

सीएमओ को स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करना चाहिए था। व्यवस्थाओं को ठीक न कर सीएमओ ने इसका राजनीतिकरण कर दिया। जनता को जो लाभ पहुंचना चाहिए था वो नहीं पहुंच रहा है। विपक्ष के विधायक डीएम के साथ हैं।
लेकिन विवाद और ये टीका टिप्पणी यही नहीं रूकी। डीएम और सीएमओ के विवाद में कांग्रेस भी कूद गई है। कानपुर ग्रामीण से जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने राज्यपाल को संबोधित पत्र लिखा है।

जिसमें उन्होंने विवाद की जानकारी देते हुए कहा कि दो वरिष्ठ अधिकारियों की लड़ाई में जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। लोगों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मामले में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए।
विवादित ऑडियो सामने आने के बाद कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच उपजा विवाद बढ़ता ही जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और दो भाजपा विधायक सीएमओ के पक्ष में हैं तो बिठूर विधायक अभिजीत सिंह ने सीएमओ को भ्रष्टाचारी बताते हुए सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया है।

Kirti Bhardwaj

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