उत्तर प्रदेश

Congress raises questions on the death of BLO Vipin: BLO विपिन की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, “क्या दबाव और धमकी का नतीजा है आत्महत्या?”, “लोकतंत्र को खत्म करने का हथियार SIR”: कांग्रेस

Congress raises questions on the death of BLO Vipin: BLO विपिन की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

बिहार के बाद अब देश के लगभग 12 राज्यों में लागू किए गए SIR यानी स्पेशल समरी रिवीजन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मतदाता सूची के इस विशेष संशोधन अभियान के दौरान कई जगहों से BLOs—बूथ लेवल अधिकारियों—पर दबाव, धमकी और उत्पीड़न की शिकायतें सामने आ रही हैं। बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इस प्रक्रिया से जुड़े कई BLO की मौत और आत्महत्या की खबरें आने के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में हाल ही में सामने आया एक मामला इस विवाद को और भड़का रहा है। यहां BLO के रूप में ड्यूटी कर रहे 30 वर्षीय शिक्षक विपिन यादव ने कथित तौर पर ज़हर खाकर जान दे दी। परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि SIR प्रक्रिया के तहत उनसे OBC मतदाताओं के नाम काटने का दबाव बनाया जा रहा था।

परिजनों के अनुसार, विपिन यादव पिछले कुछ दिनों से बेहद तनाव में थे। पिता सुरेश यादव का कहना है कि मरने से ठीक पहले बेटे ने उनसे फोन पर कहा था कि SDM और लेखपाल द्वारा लगातार धमकी दी जा रही है। परिजनों का दावा है कि विपिन को कहा जा रहा था—“ओबीसी मतदाताओं के नाम सूची से हटाओ, वरना नौकरी खत्म कर दी जाएगी और पुलिस द्वारा उठा लिया जाएगा।”

विपिन यादव की मौत के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद गरम हो चुका है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर विपिन यादव के परिजनों का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें परिवार के सदस्य रोते हुए बता रहे हैं कि विपिन को मतदाताओं की सूची में हेरफेर करने के निर्देश दिए जा रहे थे।

कांग्रेस ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया—
“ओबीसी मतदाताओं के नाम काट दो, वरना नौकरी खत्म।”

कांग्रेस ने कहा कि विपिन यादव को इसी धमकी के कारण अपनी जान देनी पड़ी। पार्टी ने दावा किया कि यह कोई अकेली घटना नहीं है बल्कि SIR की प्रक्रिया के दौरान कई BLO असहनीय दबाव में काम कर रहे हैं।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे “पिछड़े वर्ग, दलितों, वंचितों और विपक्ष समर्थित मतदाताओं के नाम काटकर बीजेपी के पक्ष में मतदाता सूची तैयार करने” का दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि SIR को “लोकतंत्र को कमजोर करने का हथियार” बनाया जा रहा है।

कांग्रेस के इस पोस्ट को राहुल गांधी ने भी शेयर किया, जिसके बाद मामला और ज़्यादा चर्चा में आ गया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर BLOs पर इस तरह का दबाव बनाया जा रहा है और वे आत्महत्या जैसी स्थिति में पहुंच रहे हैं तो इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा।

यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि कांग्रेस ने इससे पहले एक अन्य पोस्ट में कहा था कि यह घटना “आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।” पार्टी का कहना है कि एक सरकारी कर्मचारी से ऐसा काम करवाने की कोशिश करना जो कानूनन गलत है, और उसे नौकरी खत्म करने या पुलिस कार्रवाई की धमकी देना, मानसिक प्रताड़ना की श्रेणी में आता है।

विपिन यादव के पिता सुरेश यादव का दर्दनाक बयान भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। उन्होंने रोते हुए कहा—
“मरने से पहले मेरे बेटे ने कहा कि SDM और लेखपाल दबाव बना रहे हैं कि ओबीसी वोटरों के नाम काट दो। उसने मना किया तो कहा कि नौकरी से निकाल देंगे और पुलिस से उठवा लेंगे।”

गोंडा पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में जांच की बात कही गई है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के महीनों में BLOs पर कार्यभार अचानक बढ़ा दिया गया है और उन पर दबाव इतना अधिक है कि कई जगह मानसिक तनाव और आत्मघाती कदमों की घटनाएं सामने आ रही हैं।

कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा—
“बीजेपी सरकार जवाब दे! क्या एक ईमानदार शिक्षक की जान सत्ता के खेल में चली गई? क्या चुनाव आयोग OBC मतदाताओं के अधिकारों पर हो रहे हमले पर चुप रहेगा?”

Kirti Bhardwaj

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