'वोट चोरी' पर हरियाणा में कांग्रेस ने प्रदर्शन अभियान
हरियाणा में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले लोकतंत्र और वोट चोरी के मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। पार्टी ने पूरे राज्य में एक-एक जिले में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत 12 नवंबर को करनाल से होगी।
ये निर्णय दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हरियाणा कांग्रेस नेताओं की बैठक में लिया गया। आपकों बता दें कि, बैठक में प्रदेश प्रभारी बीके हरि प्रसाद, सह प्रभारी जितेंद्र बघेल, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद कुमारी सैलजा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि, “हरियाणा में जिस तरह से चुनाव आयोग ने BJP के पक्ष में मतदाता सूची में हेरफेर किया है, उससे साफ है कि, मुख्य चुनाव आयुक्त BJP के सहायक की भूमिका निभा रहे हैं। हम प्रजातंत्र को बचाने के लिए हर जिले में प्रदर्शन करेंगे।”
साथ ही हरियाणा कांग्रेस का कहना है कि, हर जिले में उनके कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। इस बैठक में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और जिलाध्यक्ष भी शामिल हुए।
राहुल गांधी के वोटर लिस्ट हेरफेर के आरोपों को पार्टी पूरे हरियाणा में प्रमुख मुद्दा बनाएगी। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर दो बड़े बयान दिए हैं। पहला ये कि, 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 8 सीटों पर केवल 22,779 वोटों के अंतर से हारी।
उन्होंने कहा था कि, हरियाणा की एक विधानसभा में 12 से 15% वोट बढ़ गए। उन्होंने एक प्रेजेंटेशन में 22 पेज का डेटा साझा किया, जिसमें बताया गया कि, ये वोट बढ़ोतरी तब महत्वपूर्ण होती है, जब जीत-हार का अंतर सिर्फ 2 से 4% वोटों का हो।
दूसरा बयान उन्होंने 5 नवंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। राहुल गांधी ने कहा कि, हरियाणा की वोटर लिस्ट में “ब्राजीलियन मॉडल” का उपयोग किया गया। उदाहरण के तौर पर सोनीपत जिले की राई विधानसभा क्षेत्र में 10 अलग-अलग बूथों पर 22 वोट डाले गए।
उन्होंने बताया कि, 3.5 लाख वोटर्स का नाम लिस्ट से हटाया गया। जिसके अलावा पलवल जिले में एक मकान नंबर 150 पर 66 वोट, होडल में मकान नंबर 265 पर 501 वोट और राई में मकान नंबर 1904 पर 108 वोट दर्ज थे। उन्होंने आयोग पर वेरिफिकेशन की कमी का आरोप लगाया।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हरियाणा में BJP को कड़ी टक्कर दी थी। विधानसभा चुनाव से 5 महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने 5-5 सीटें जीती थीं। BJP को 46.11% और कांग्रेस को 43.67% वोट मिले।
2019 के मुकाबले BJP का वोट शेयर 12.09% घटा, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 15.25% बढ़ा। ये 2014 के बाद BJP का सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा।
कांग्रेस ने पिछले 10 वर्षों में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन 2024 में किया। 2014 में पार्टी सिर्फ रोहतक सीट जीत पाई थी, जिसे 2019 में भी गंवा दिया गया।
2024 में कांग्रेस ने रोहतक, सोनीपत, हिसार, सिरसा और अंबाला सीटों पर जीत हासिल की। वहीं BJP ने करनाल, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, फरीदाबाद और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीटें अपने नाम कीं।
हरियाणा में कांग्रेस के ये प्रदर्शन न केवल लोकतंत्र और वोटर सूची की पारदर्शिता के लिए हैं, बल्कि ये राज्य की राजनीतिक हलचल को भी बढ़ाएंगे। पार्टी का मानना है कि, ये आंदोलन जनता में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ भविष्य में होने वाले चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
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