CM सुक्खू ने बच्चों के 'राधे राधे' बोलने पर उठाया सवाल
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बीते तीन दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा के केंद्र बने हुए हैं। दरअसल विवाद तब शुरू हुआ जब धर्मशाला में स्कूली बच्चों के साथ उनकी एक छोटी-सी बातचीत का वीडियो वायरल हो गया।
बच्चों ने सीएम के पांव छूकर “राधे-राधे” कहा, जिस पर सीएम ने मुस्कुराते हुए पूछा—“राधे-राधे या नमस्कार?” बच्चों ने फिर “राधे-राधे” कहा, तो उन्होंने सवाल किया—“राधे-राधे क्यों बोलते हैं?”
ये बातचीत साधारण थी, लेकिन वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया में सीएम की नीयत पर सवाल उठने लगे।
आरोप लगाए गए कि, CM सुक्खू धार्मिक अभिवादन को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। देखते-देखते ये मुद्दा सियासत से लेकर धार्मिक मंचों तक फैल गया।
सबसे तेज़ प्रतिक्रिया प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन महाराज की ओर से आई। उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें उन्होंने सुक्खू के सवाल पर नाराज़गी जताई। महाराज ने कहा कि, “राधे-राधे” बोलना कोई अपराध नहीं है और मुख्यमंत्री को बच्चों से इस तरह का सवाल नहीं पूछना चाहिए था।
देवकीनंदन के वीडियो ने सोशल मीडिया में आग में घी का काम किया और हजारों उपयोगकर्ताओं ने सीएम के खिलाफ पोस्ट करना शुरू कर दिया।
विवाद बढ़ा तो विपक्ष भी मैदान में उतरा। BJP ने इसे तुरंत सियासी मुद्दा बना दिया। प्रदेश BJP प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि, सुक्खू पहले ही ये बयान दे चुके हैं कि, उन्होंने “सनातन को हराकर सत्ता हासिल की है”, और बच्चों के “राधे-राधे” कहने पर सवाल उठाना उसी मानसिकता का हिस्सा है।
संदीपनी ने कहा कि, ये बयान हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है और अब मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि, आखिर वे किस बात से असहज थे।
शुक्रवार के वायरल वीडियो के बाद सीएम कई दिन सोशल मीडिया पर ट्रोल होते रहे। मीम्स, कटाक्ष, पुराने बयान—सब फिर से शेयर होने लगे। इसके बीच कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई, हालांकि कई पार्टी नेताओं ने सोशल मीडिया पर इसे “बच्चों के साथ सहज बातचीत” बताया।
कांग्रेस नेता और महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने लिखा कि, मुख्यमंत्री ने बच्चों से सिर्फ पूछा था कि वे “राधे-राधे” क्यों बोलते हैं, उन्होंने किसी भी तरह का प्रतिबंध या मना नहीं किया। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि, वीडियो का एक हिस्सा वायरल हुआ, जबकि पूरी बातचीत बिल्कुल सामान्य थी।
लगातार बढ़ते विवाद और राजनीतिक हमलों के बीच सोमवार को धर्मशाला में एक वॉकथॉन कार्यक्रम हुआ। इस दौरान CM सुक्खू ने मंच से खुद “राधे-राधे, राम-राम” के नारे लगाए।
उनका ये नया वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ और इसे विवाद शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। नारे लगाने के बाद कुछ लोग इसे सकारात्मक पहल बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल कह रहे हैं कि, दबाव में आकर सीएम को ऐसा करना पड़ा।
दिलचस्प बात ये है कि, कांग्रेस ने अभी भी कोई आधिकारिक प्रेस बयान नहीं दिया है। पार्टी की ओर से केवल सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बताया जा रहा है कि, मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ सामान्य बातचीत की थी।
पार्टी समर्थकों का कहना है कि, विपक्ष मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दे रहा है, जबकि BJP इसे “हिंदू आस्था पर चोट” बताने में लगी है। फिलहाल, CM सुक्खू द्वारा सार्वजनिक रूप से “राधे-राधे, राम-राम” कहने के बाद माहौल कुछ शांत जरूर हुआ है, लेकिन विवाद पूरी तरह थमा नहीं है। राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है और सोशल मीडिया में बहस लगातार बढ़ रही है।
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