BSP demonstrated its strength: लखनऊ में BSP ने किया शक्ति प्रदर्शन
लखनऊ के अंबेडकर मैदान में 9 साल बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। इस रैली को खास बनाते हुए मायावती ने एक घंटे तक जनसभा को संबोधित किया और कई राजनीतिक संदेश दिए। मंच से उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तारीफ की, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और अन्य दलों पर तीखा हमला किया।
रैली की शुरुआत कांशीराम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। मायावती ने कहा कि, कांशीराम जी की तमन्ना थी कि दलितों की बहुमत वाली सरकार बने। उनका सपना उनके जीवन में पूरा नहीं हो सका, लेकिन 2007 में बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि कांग्रेस, भाजपा और सपा को कभी रास नहीं आई।
मायावती ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर खासा निशाना साधा। उन्होंने सपा को “दोगला” बताया और कहा कि जैसे ही सत्ता हाथ से जाती है, ये सामाजिक न्याय के सबसे बड़े ठेकेदार बनने लगते हैं। सपा सरकार ने कांशीराम के नाम से शुरू की गई योजनाओं के नाम बदल दिए और बहुजन समाज की योजनाओं को बंद कर दिया। मायावती ने कहा कि अब जनता इनके दोहरे रवैये को अच्छी तरह समझ चुकी है।
मायावती ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने अंबेडकर पार्क की मरम्मत के लिए पूरा खर्च उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि सपा सरकार में पार्क की देखभाल के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार से जो भी मदद ली गई है, वह पूरी पारदर्शिता से ली गई है।
रैली के दौरान मायावती ने बिना नाम लिए भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा को कमजोर करने के लिए कुछ स्वार्थी और बिकाऊ लोगों के जरिए नए संगठन बनाए जा रहे हैं, जो दलित वोटों को काटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे ऐसी बिकाऊ पार्टियों को एक भी वोट न दें।
रैली में बसपा सुप्रीमो ने बड़ी घोषणा करते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि आकाश पार्टी के मिशन से जुड़ चुके हैं और अब वे उनके ही दिशा-निर्देश में पार्टी के लिए काम करेंगे। मायावती ने कहा कि जिस प्रकार कांशीराम ने उन्हें आगे बढ़ाया, उसी तरह अब वह आकाश आनंद को नेतृत्व सौंप रही हैं।
मायावती ने गठबंधन की राजनीति पर भी खुलकर विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब भी बसपा ने किसी पार्टी से गठबंधन किया, बसपा का वोट तो ट्रांसफर हो गया, लेकिन दूसरी पार्टी का वोट बसपा को नहीं मिला। इसके चलते गठबंधन से कोई लाभ नहीं होता। उन्होंने कहा कि अब पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी और सत्ता में वापसी करेगी।
रैली में आए जनसैलाब को देखकर मायावती गदगद नजर आईं। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि 2027 में एक बार फिर बसपा सरकार बनने जा रही है। आकाश आनंद ने भी अपने भाषण में कहा कि यह भीड़ इस बात का संकेत है कि यूपी में सत्ता की चाबी अब बहुजन समाज के हाथ में आने वाली है।
मायावती ने कहा कि विरोधी अब बसपा को कमजोर करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। जहां-जहां बसपा जीत की ओर बढ़ रही होती है, वहां प्रशासनिक हस्तक्षेप, वोटों की धांधली और ईवीएम की हेराफेरी कर बसपा को हराने की साजिश रची जाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सतर्क और एकजुट रहने का संदेश दिया।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने बाबासाहेब को संसद में जाने से रोका था। उनके देहांत के बाद एक दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित नहीं किया गया। सपा सरकार ने तो बहुजन समाज के नाम पर शुरू की गई सभी योजनाओं को ही बंद कर दिया। वहीं भाजपा और अन्य जातिवादी पार्टियों ने उत्पीड़न और असमानता को खत्म नहीं किया।
मायावती ने कहा कि बसपा ही एकमात्र पार्टी है जो बाबा साहेब के संविधान को पूरी निष्ठा से मानती है और उसे सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब बसपा की सरकार थी, तब कानून व्यवस्था मजबूत थी, सभी को रोजगार मिला, और विकास जाति-धर्म से ऊपर उठकर किया गया।
उन्होंने सतीश चंद्र मिश्र और उनके बेटे कपिल मिश्रा, इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि सभी मिलकर बहुजन समाज को मजबूत करने में जुटे हैं।
रैली में यूपी के अलावा बिहार, पंजाब, हरियाणा सहित 5 राज्यों से लाखों की संख्या में लोग पहुंचे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। भारी भीड़ के चलते पूरे अंबेडकर मैदान और उसके आसपास के 5 किलोमीटर के इलाके में जाम की स्थिति बन गई।
मायावती ने मंच से यह भी साफ किया कि आजम खान के बसपा में शामिल होने की जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं कभी भी किसी से छिपकर नहीं मिलती। जब भी मिलती हूं, खुलकर मिलती हूं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहें पहले भी 2007 में फैलाई गई थीं, लेकिन जनता ने गुमराह नहीं होकर बसपा को सत्ता में पहुंचाया।
मायावती ने समर्थकों से आह्वान किया कि हर बूथ पर बसपा के मिशन को पहुंचाएं, पार्टी की उपलब्धियों को बताएं और दलित समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहे दलों से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि अगर हम एकजुट रहें, तो 2027 में एक बार फिर बसपा सरकार बनेगी।
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