सावित्री जिंदल ने भाजपा से बगावत करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी चुनाव हर हाल में लड़ेंगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “जनता चाहती है कि मैं चुनाव लड़ूं, और मैं उनकी इच्छाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती।”
इस बीच, उनके बेटे नवीन जिंदल ने अपनी मां के समर्थन की पुष्टि की है। नवीन ने कहा, “मैं अपनी मां के साथ हूं और उनके चुनाव लड़ने के फैसले का समर्थन करता हूं। भाजपा का निर्णय सही था, लेकिन हम अपनी राह पर चलेंगे।”
सावित्री जिंदल अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरेंगी। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने भाजपा के अंदर और बाहर हलचल मचा दी है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह कदम चुनावी परिदृश्य को कैसे प्रभावित करता है।
भाजपा के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, और सावित्री जिंदल की निर्दलीय जंग पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।
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