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CHILD: लोगों को खूब लुभा रही है “The Child She Left Behind” किताब

CHILD: लोगों को खूब लुभा रही है “The Child She Left Behind” किताब

मीडिया जगत में एक पत्रकार की अहम भूमिका निभाते- निभाते पत्रकार जूही जिंदल ने “The Child She Left Behind” नाम की एक किताब लिखी। जो हमारे आज के समाज के हर उस व्यक्ति पर आधारित है जो लोग अपने रिश्तों में इतने आश्रित हो जाते हैं कि दूसरों के गलत व्यवहार को सहते रहते हैं। इसी विषय पर जूही जिंदल ने एक किताब लिखी है। जूही जिंदल बताती है कि उनके पास लिखने का 8 वर्षों का अनुभव है। इन वर्षों में उन्होंने कई तरह की विधाओं में लिखा है और मीडिया के साथ भी काफ़ी नज़दीकी से काम किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही लिखने का बहुत शौक रहा है। स्कूल के दिनों में वह बहुत अवलोकन करने वाली छात्रा थी और छोटी-छोटी कहानियाँ लिखा करती थी। जिसके बाद उन्हें पता नहीं था कि एक दिन वह लेखिका बन जाएगी।
कैसे मिला चुना किताब का विषय

जूही जिंदल ने बताया कि पत्रकार होने के नाते मुझे बहुत घूमने का अवसर मिलता है और निजी तौर पर भी मुझे यात्रा करना बेहद पसंद है। मेरी किताब में मुख्य पात्र “आशीमा” की कहानी है, लेकिन असल में ये आठ अध्याय आठ अलग-अलग लोगों की सच्ची कहानियों पर आधारित हैं।

मैंने यह विषय इसलिए चुना क्योंकि समाज में कई मुद्दे ऐसे हैं जो सालों से हमारे बीच मौजूद हैं, लेकिन हमने उन्हें इतना सामान्य मान लिया है कि अब उन्हें समस्या के रूप में देखना भी छोड़ दिया है। घरेलू हिंसा भी ऐसी ही एक समस्या है। मेरी किताब के पहले अध्याय में बताया गया है कि घरेलू हिंसा बच्चों के जीवन को कैसे बर्बाद कर सकती है, और बचपन में मिले ज़ख्म कितने गहरे होते हैं। “The Child She Left Behind” लिखने का मेरा मकसद हर उस व्यक्ति को आवाज़ देना था जो किसी भी तरह के दर्द या आघात के साथ जी रहा है। हर किसी का दर्द सुना और समझा जाना चाहिए

कैसा रिस्पांस मिल रहा है:
29 नवंबर 2024 को मैंने अपनी किताब लॉन्च की थी और अब तक लगभग 5 महीने हो चुके हैं। मुझे इस किताब का जितना शानदार रिस्पांस मिला है, उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी।जूही ने बताया कि उनकी किताब की 800 प्रतियाँ बिक चुकी हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि लोग सराहना कर रहे हैं कि मैंने इतने गम्भीर विषय को सिर्फ 47 पन्नों में संक्षिप्त और प्रभावी ढंग से लिखा है। मेरी किताब में तस्वीरें भी शामिल हैं ताकि जो लोग ज़्यादा पढ़ने के आदी नहीं हैं, वो भी आसानी से पढ़ सकें। यही मेरी किताब की खासियत है कि एक नॉन-रीडर भी इसे सिर्फ 2 घंटे में पढ़ सकता है।

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