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मिडिल क्लास को फायदा देकर BJP ने ‘दिल्ली’ जीत ली !

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में मिडिल क्लास के लिए बड़ा ऐलान करके दिल्ली चुनाव के लिए मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। दरअसल न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख तक की इनकम पर अब कोई भी टैक्स नहीं लगने वाला है। इस ऐलान का फायदा वैसे तो पूरे देश के मिडिल क्लास को होने वाला है, लेकिन चुनावी राज्य दिल्ली पर भी इसका सीधा असर पड़ने वाला है। क्योंकि दिल्ली में आचार संहिता लगी हुई है तो ऐसे में सीधे तौर पर दिल्ली के लिए कोई ऐलान तो हो नहीं सकता था। लेकिन पूरे देश के जरिए दिल्ली की जनता को साधने की कोशिश की गई। दरअसल दिल्ली एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जहां पर कैपिटा इनकम बेहतर मानी जाती है।

दिल्ली में कितने फीसदी मिडिल क्लास ?

पीपुल रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी की एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में 67 प्रतिशत लोग मिडिल क्लास के हैं। ये रिपोर्ट 2022 में जारी किया गया था। पीपुल रिसर्च के मुताबिक पूरे देश में दिल्ली में ही सबसे ज्यादा मिडिल क्लास के लोग रहते हैं। इसी तरह 2015 में विकासशील समाजों के अध्ययन के लिए केंद्र यानि CSDS और लोकनीति ने एक रिपोर्ट जारी किया था, जिसमें 71 प्रतिशत लोगों ने खुद को मिडिल क्लास का बताया था। इस सर्वे में 27.8 प्रतिशत लोगों ने खुद को उच्च और 43.8 प्रतिशत लोगों ने निम्न-मध्यम वर्ग करार दिया था। सीएसडीएस के एक अन्य आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में 73 प्रतिशत लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं। एक आंकड़ा यह भी बताता है कि दिल्ली में मिडिल क्लास की आबादी 45 फीसदी के करीब बैठती है, यह भी नेशनल एवरेज से ज्यादा है जो वर्तमान में 31% आंकी गई है।

दिल्ली चुनाव में गेम पलटेगा ?

चुनाव के लिहाज से अगर देखा जाए तो इनकम टैक्स को लेकर किया गया यह ऐलान पूरा गेम पलट सकता है। असल में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद इस चुनाव में मिडिल क्लास पर खास ध्यान दिया है। उनकी तरफ से मिडिल क्लास मेनिफेस्टो तक जारी किया गया है। वे भी इस बात को जानते हैं कि उनकी जो वेलफेयर वाली योजनाएं हैं, उनका सीधा फायदा कम इनकम वाले परिवारों को मिल रहा है, उसका फायदा ज्यादा गरीब तबके को जा रहा है। जो मिडिल क्लास है, उसे क्योंकि इन योजनाओं को ज्यादा फायदा नहीं मिलता, इसी वजह से उसे इतना फर्क भी नहीं पड़ता कि सत्ता में कौन है। लेकिन इस बार आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मांग की कि बजट में मोदी सरकार इनकम टैक्स छूट को 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख कर दिया जाए। अब मोदी सरकार ने जो बजट पेश किया है, उसमें तो छूट को 12 लाख तक बढ़ा दिया गया है, जिस ऐलान की उम्मीद कोई नहीं कर रह था, चुनावी मौसम में वैसा ही किया गया है। अब अरविंद केजरीवाल के लिए इस दांव से लड़ना खासा मुश्किल हो सकता है। मिडिल क्लास वोटर अभी तक आम आदमी पार्टी के साथ खड़ा था, लेकिन इसलिए नहीं कि उसे आप की योजनाओं का फायदा मिल रहा था, इसलिए क्योंकि बीजेपी बेहतर विकल्प नहीं बन पा रही थी।

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