बिहार की सियासत में रविवार को उस वक्त हलचल मच गई जब पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को सियासी षड्यंत्रों से सावधान रहने की सलाह दी। लंबे समय से पार्टी और परिवार से दूरी बनाए हुए तेज प्रताप ने इस पोस्ट के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि भले ही तेजस्वी उनसे नाराज हों, लेकिन वह अब भी अपने छोटे भाई के साथ मजबूती से खड़े हैं।
तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तेजस्वी को संबोधित करते हुए लिखा, “मेरे अर्जुन से मुझे अलग करने का सपना देखने वालों तुम कभी अपनी साजिशों में सफल नहीं हो सकोगे। कृष्ण की सेना तो तुम ले सकते हो लेकिन खुद कृष्ण को नहीं। हर साजिश को जल्द बेनकाब करूंगा। बस मेरे भाई भरोसा रखना, मैं हर परिस्थिति में तुम्हारे साथ हूं।” इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
अपने पोस्ट में तेज प्रताप यादव ने ‘जयचंद’ शब्द का उल्लेख करते हुए कहा कि, “मेरे भाई, जयचंद हर जगह हैं। अंदर भी और बाहर भी। इसलिए सावधान रहना।” उनके इस बयान को राजद के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। तेज प्रताप ने आगे लिखा कि फिलहाल भले ही वह दूर हों, लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा तेजस्वी के साथ रहा है और रहेगा। साथ ही उन्होंने तेजस्वी से माता-पिता का ध्यान रखने की अपील भी की।
तेज प्रताप यादव की इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है। समर्थकों के बीच इसे भाईचारे और पारिवारिक भावनाओं से ओतप्रोत संदेश बताया जा रहा है, वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे राजद के अंदरूनी मतभेदों का संकेत मान रहे हैं। तेज प्रताप ने एक बार फिर खुद को ‘कृष्ण’ और तेजस्वी को ‘अर्जुन’ की संज्ञा दी है, जो पहले भी उनके बयानों में दिखाई दी है।
राजद में तेज प्रताप यादव लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। वे कई बार पार्टी नेतृत्व और संगठन के निर्णयों से असहमति जता चुके हैं। लेकिन उनके इस हालिया पोस्ट से यह साफ हो गया है कि परिवार की एकजुटता को लेकर वह अब भी भावुक हैं और अपने छोटे भाई के लिए चिंता भी व्यक्त कर रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह बयान आने वाले दिनों में राजद की आंतरिक राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
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