हिसार में बीते दिनों चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर हुए दो बड़े हादसों ने इलाके को झकझोर कर रख दिया। ये घटनाएँ विशेष रूप से घने कोहरे और सड़क पर दृश्यता की कमी के कारण हुईं। हादसों में कई लोग घायल हुए और चार की मौत हो गई। यहाँ पर हम इन हादसों का विस्तृत विवरण दे रहे हैं।
शनिवार की सुबह करीब 8 बजे उकलाना के सूरेवाला चौक के पास चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक, एक कार चंडीगढ़ की ओर जा रही थी। उस वक्त घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे ड्राइवर का नियंत्रण वाहन से हट गया और कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पलटी हुई कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने के लिए आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे।
इससे पहले कि लोग घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जा पाते, पीछे से एक अन्य वाहन आकर दुर्घटनाग्रस्त कार से टकरा गया। फिर एक ट्रक जो राहत कार्य के दौरान मौके पर पहुंचे लोगों के पास आ रहा था, वह भी इस दुर्घटना के कारण अचानक नियंत्रण खो बैठा और लोगों पर चढ़ गया। इसके बाद ट्रक भी पलट गया। इस दर्दनाक घटना में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और क्रेन की मदद से ट्रक को हटाया। वाहनों को दूसरी दिशा में डायवर्ट किया गया।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की घातक स्थिति को देखते हुए ट्रक को स्थानांतरित किया गया और लोगों को गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल भेजा गया। इस घटना के बारे में पुलिस ने प्राथमिक सूचना दी कि मृतकों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।
उकलाना में हुए हादसे के बाद हिसार के अग्रोहा के पास भी एक और दुर्घटना ने लोगों को चौंका दिया। घने कोहरे के कारण एक कार तालाब में गिर गई, जिससे चालक की मौत हो गई। इस हादसे में मृतक की पहचान 53 वर्षीय जीवन राम के रूप में हुई है, जो फतेहाबाद जिले के गांव भोडिया खेड़ा के निवासी थे।
जानकारी के अनुसार, जीवन राम शुक्रवार रात करीब 11 बजे अपनी आई-20 कार में सवार होकर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह सिवानी बोलान के पास पहुंचे, घने कोहरे के कारण सड़क के किनारे का दृश्य स्पष्ट नहीं हो पाया और उनकी कार सड़क से बाहर निकलकर पास स्थित तालाब में गिर गई। कार में फंसे रहने और पानी में डूबने के कारण जीवन राम की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को तालाब से बाहर निकाला। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
इन हादसों की मुख्य वजह घना कोहरा था, जो विशेष रूप से सुबह और रात के समय दृश्यता में गंभीर समस्या उत्पन्न करता है। इन घटनाओं से यह भी स्पष्ट होता है कि सर्दियों के मौसम में सड़क सुरक्षा की दिशा में विशेष उपाय किए जाने की जरूरत है।
इन हादसों से यह स्पष्ट है कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों की अधिक सख्ती से निगरानी की जरूरत है। प्रशासन और सड़क सुरक्षा विभाग को सर्दी के मौसम में सड़क पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। साथ ही, लोगों को सर्दियों में वाहन चलाने के दौरान कोहरे से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को कम किया जा सके।
साथ ही, इन घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे ना केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि लोगों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा भी मिलेगी।
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