देश

Anti-trust probe on IndiGo: इंडिगो पर एंटी-ट्रस्ट जांच की तलवार, उड़ान संकट से बढ़ी सरकारी सख्ती

Anti-trust probe on IndiGo: इंडिगो पर एंटी-ट्रस्ट जांच की तलवार

देश की सबसे बड़ी लो-कॉस्ट एयरलाइन इंडिगो इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट और नियामकीय दबावों से घिरी हुई है। हजारों उड़ानों के रद्द होने, क्रू की कमी, और यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के बाद अब एयरलाइन पर एंटीट्रस्ट जांच का खतरा मंडराने लगा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) इंडिगो के खिलाफ प्राथमिक स्तर की जांच शुरू करने पर विचार कर रहा है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि एयरलाइन ने कहीं अपने प्रभुत्व का अनुचित इस्तेमाल तो नहीं किया है।

अधिकारी ने बताते हुए कहा कि CCI को जांच शुरू करने के लिए “मजबूत आधार” दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंडिगो के परिचालन संकट की व्यापक सरकारी जांच का नेतृत्व नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ही करेगा। फिलहाल CCI इस मामले से जुड़े उन पहलुओं पर नजर रखे हुए है जो उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। आयोग जल्द ही प्रारंभिक जांच को लेकर निर्णय ले सकता है

डोमेस्टिक एविएशन मार्केट में करीब 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो के लिए पिछले कुछ सप्ताह बेहद चुनौतीपूर्ण रहे हैं। एयरलाइन ने इस महीने 5,000 से अधिक उड़ानें निरस्त कर दीं, जिसके कारण देशभर के हवाईअड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, पायलटों और क्रू की कमी एयरलाइन के संचालन में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरी है। नए विश्राम नियमों (Flight Duty Time Limitations) को प्रभावी ढंग से लागू न कर पाने के कारण पायलटों की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जहां इंडिगो को सुचारु संचालन के लिए 2,422 कैप्टन की आवश्यकता थी, उसके पास वास्तविक संख्या मात्र 2,357 थी।

इसी बीच DGCA ने शनिवार को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरास को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के अंदर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। हालांकि, दोनों अधिकारियों ने नियामक को लिखित रूप से सूचित किया कि एयरलाइन के विशाल और जटिल नेटवर्क में हुए व्यवधान के सही कारणों का इतने कम समय में पता लगाना संभव नहीं है। उन्होंने DGCA के नियमों का हवाला देते हुए जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की, जिसके तहत किसी भी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन की अवधि निर्धारित है।

दूसरी ओर, प्रतिस्पर्धा आयोग की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 4 साफ तौर पर किसी भी प्रभावशाली कंपनी को अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग करने से रोकती है। इस धारा के तहत कोई भी कंपनी यदि अनुचित या भेदभावपूर्ण शर्तें लागू करती है, उत्पादन या सेवा को सीमित करती है, अथवा उपभोक्ताओं पर अनुचित शर्तें थोपती है, तो यह केस एंटीट्रस्ट उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।

कानून आयोग को स्वयं संज्ञान लेने, किसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई करने या फिर केंद्र अथवा राज्य सरकार से संदर्भ मिलने पर जांच शुरू करने का अधिकार देता है। प्रारंभिक जांच में यदि CCI को प्रथम दृष्टया प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधि का संदेह मिलता है, तो मामला उसके महानिदेशक (DG) को औपचारिक जांच के लिए भेजा जाता है। यदि आयोग को प्रारंभिक स्तर पर कोई उल्लंघन नहीं दिखता, तो वह मामला बंद कर सकता है

इंडिगो इससे पहले भी CCI की जांच के दायरे में आ चुका है। वर्ष 2015 में एक यात्री ने एयरलाइन पर अनुचित शर्तें थोपने का आरोप लगाया था, जबकि 2016 में एयर इंडिया ने इंडिगो पर आक्रामक हायरिंग प्रैक्टिसेज का आरोप लगाया था। हालांकि, इन दोनों मामलों को CCI ने जांच के बाद खारिज कर दिया था और एयरलाइन को किसी तरह की राहत मिली थी।

फिलहाल, इंडिगो की मौजूदा परिस्थितियों ने भारतीय विमानन क्षेत्र की कमजोरियों और नियामकीय खामियों को भी उजागर किया है। व्यस्त यात्रा सीजन के दौरान हजारों उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के पास बाजार में बहुत बड़ी हिस्सेदारी है, ऐसे में उसके संचालन में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर भारतीय विमानन व्यवस्था पर पड़ता है। यही कारण है कि सरकार और नियामक एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही हैं।

इंडिगो की ओर से अभी तक न तो किसी संभावित CCI जांच पर टिप्पणी की गई है और न ही पायलट कमी या परिचालन बाधाओं से जुड़ी नई जानकारी साझा की गई है। लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि एयरलाइन को आने वाले समय में कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

Ritika Bhardwaj

Recent Posts

भारत को ये मास्टर प्लान दिलवा सकता है फाइनल का टिकट ? इस एक खिलाड़ी को है रोकना

आईसीसी मेन्स टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मैच वानखेड़े में भारत और इंग्लैंड के…

19 hours ago

लड़ाई के बीच पुतिन ने किया बड़ा एलान, रूस उठाने वाला है ये कदम ?

Iran-US-Israel जंग के बीच रूस के राष्ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा ऐलान किया है।…

20 hours ago

“मैं राज्यसभा का सदस्य बनना चाहता हूं”, बिहार की कुर्सी छोड़ नीतीश कुमार ने जताई दिल्ली जाने की इच्छा

बिहार की राजनीति में नया खेला शुरू हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार…

22 hours ago

दिल्ली के इस इलाके में आग लगने से सनसनी, एक लड़की हुई लापता

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रिठाला इलाके में गुरुवार तड़के झुग्गियों में भीषण आग लग गई।…

23 hours ago

पुतिन ने दिया भारत का साथ, 95 लाख बैरल तेल भेजने को तैयार रूस, भारत के पास सिर्फ 25 दिन का रिजर्व !

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्‍चे तेल आने का…

23 hours ago

HARYANA BUDGET 2026: जानिए किसको क्या मिला ?

HARYANA BUDGET 2026: जानिए किसको क्या मिला ? हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने…

3 days ago