Categories: देश

इलेक्शन ड्यूटी के लिए आपकी कार ले सकता है प्रशासन… इन गाड़ी के मालिकों को मिलती है छूट

Lok Sabha 2024 : आम चुनाव का पहला चरण 19 अप्रैल से शुरू होगा। आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा कि चुनाव में कोई अनियमितता न हो। इस संदर्भ में, निजी कारों के मालिकों को भी बुलाया जाता है। सारा फसाद इसी बात पर है. हाल में मेरठ में इलेक्शन ड्यूटी के लिए अपने वाहन न देने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने इसे कानून का उल्लंघन मानते हुए  FIR करने का आदेश दे दिया. तो क्या चुनाव में हमारी-आपकी प्राइवेट कारें भी कुछ समय के लिए जा सकती हैं?

कमी पड़ने पर चुनाव अधिकारी निजी गाड़ियों को उनके ड्राइवर समेत बुला सकें, ये सरकारी नियम है. हाल में ही Ghaziabad में भी एक ऐसा नोटिस आया. जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से आइडेंटिफाइड कार मालिकों से कहा गया कि वे अपनी गाड़ियां इलेक्शन ड्यूटी के लिए रिजर्व पुलिस लाइन में प्रभारी निर्वाचन अधिकारी के हवाले कर दें. गाड़ी के शेड के लिए तिरपाल आदि का बंदोबस्त भी मालिक को करना होगा.

जितने दिनों के लिए वाहन लिया जा रहा है, उस हिसाब से जिला प्रशासन गाड़ी मालिक को किराया भी देगा. ये किराया मनमाना नहीं होगा, बल्कि तय रकम है, जो चुनाव आयोग ही निश्चित करता है. अगर कोई गाड़ी मालिक अपना वाहन देने से इनकार करे तो उसपर कार्रवाई भी हो सकती है, जैसा मेरठ के मामले में हमने बताया. वहां गाड़ी मालिक कुछ समय बाद बिना बताए ही अपनी गाड़ियां लेकर चले गए थे, जिससे फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारियों को इंतजार करना पड़ा. ये स्क्वाड चुनाव के दौरान वोटरों को दिए जा रहे रिश्वत पर नजर रखता है.

इलेक्शन के दौरान लाखों काम होते हैं. इसमें एक बहुत जरूरी काम है पारदर्शिता और सेफ्टी के लिए निगरानी करना. इलेक्शन ड्यूटी में लगे सुरक्षाबल, फ्लाइंग स्क्वाड और बाकी कर्मचारी-अधिकारियों के लिए भारी और हल्के सभी तरह की गाड़ियां ली जा सकती हैं. मतपेटियों को एक से दूसरी जगह ले जाने में भी गाड़ियां चाहिए होती हैं.

गाड़ी मालिकों को डाक से इसकी जानकारी काफी पहले ही दे दी जाती है. गाड़ी को कहां जमा कराना है, कितने दिनों की जरूरत है, इन सारी बातों का ब्यौरा होता है. बाद में नोटिस भी निकलता है ताकि गाड़ी मालिक अपनी गाड़ियां तय तारीख तक जमा करा दें.

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 160 में इसका जिक्र है. इसके अनुसार, इलेक्शन से जुड़े काम के लिए वाहनों की डिमांड की जा सकती है. ये मांग केवल सरकार कर सकती है, न कि चुनाव लड़ रही पार्टियां. मतपेटियों को लाने- ले जाने या फिर चुनाव के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहन के अलावा प्रशासन परिसर की भी डिमांड कर सकता है. लेकिन ये लिखित आदेश पर ही होता है. मौखिक तौर पर बोलकर किसी से कुछ नहीं लिया जा सकता.

धारा 160 के सबसेक्शन में इस बात का भी उल्लेख है कि किन हालातों में प्रशासन गाड़ी नहीं ले सकता. अगर वाहन का उपयोग कोई उम्मीदवार या पार्टी पहले से ही कानूनी तौर पर कर रहे हों तो एडमिनिस्ट्रेशन उस गाड़ी को नहीं ले सकता.

आप खुद भी इनकार कर सकते हैं अगर…

वैसे प्रशासन पूरी कोशिश करता है कि पहले सरकारी या कमर्शियल गाड़ियों से काम चलाया जा सके. अगर ये कम पड़ते हैं तब ही निजी वाहनों की बात आती है. कानून कहता है कि सरकारी आदेश पर आपको चुनाव के लिए गाड़ी देनी ही होगी, लेकिन अगर आपके पास वाजिब कारण है तो आप इससे मना भी कर सकते हैं. जैसे किसी के पास एक ही वाहन हो, और घर का काम उसी से चलता हो तब वो इससे इनकार कर सकता है. या फिर घर में कोई क्रिटिकल मरीज हो, और गाड़ी एक हो तब भी ये किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए दस्तावेज देना होगा.

गाड़ी देने से मौखिक इनकार काफी नहीं. गाड़ी मालिक को जिला चुनाव ऑफिस में संपर्क करके वजह बतानी होगी कि कैसे वाहन के जाने से रुटीन लाइफ पर असर होगा. प्रशासन की खुद ये कोशिश होती है कि अगर किसी के घर पर एक गाड़ी है तो उसे चुनाव ड्यूटी के लिए न लिया जाए.

गाड़ियों के साथ कागज, उसके तिरपाल का इंतजाम और कई बार ड्राइवर की व्यवस्था भी लोगों को करनी होती है. बदले में उन्हें तय किराया दिया जाता है. ये रकम वाहन लौटाए जाने से लगभग महीनेभर के भीतर अकाउंट में पहुंच जाती है.

admin

Recent Posts

सेमीफाइनल में मिली जीत के बाद सूर्यकुमार यादव ने किया बड़ा खुलासा

टी20 विश्वकप 2026 के दूसरा सेमीफाइनल वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला…

3 hours ago

चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, आज से शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का…

3 hours ago

असम: फाइटर जेट सुखोई हुआ क्रैश, IAF के 2 पायलट शहीद

Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान असम के Karbi Anglong जिले में बीती रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया,…

4 hours ago

30 दिन तक रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत, अमेरिका ने दी अस्थायी छूट

अमेरिका, इजरायल और ईरान जंग के बीच दुनियाभर में तेल संकट की स्थिति पैदा हो…

5 hours ago

भारत को ये मास्टर प्लान दिलवा सकता है फाइनल का टिकट ? इस एक खिलाड़ी को है रोकना

आईसीसी मेन्स टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मैच वानखेड़े में भारत और इंग्लैंड के…

1 day ago

लड़ाई के बीच पुतिन ने किया बड़ा एलान, रूस उठाने वाला है ये कदम ?

Iran-US-Israel जंग के बीच रूस के राष्ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा ऐलान किया है।…

1 day ago