रायबरेली में स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला
राजनीति में विवादों और हमलों का सामना कर चुके पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर हमले का शिकार हुए हैं। ये घटना मंगलवार को रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र के सारस चौराहे पर उस वक्त हुई जब स्वामी प्रसाद फतेहपुर जाते हुए रास्ते में कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए रुके थे।
हैरानी की बात ये रही कि हमला भीड़ और पुलिस की मौजूदगी में हुआ। एक युवक ने माला पहनाने के बहाने उनके नजदीक जाकर अचानक सिर पर पीछे से हाथ मारा और भागने लगा। स्वामी प्रसाद की चीख सुनकर कार्यकर्ता सतर्क हो गए और युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद गुस्साए समर्थकों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। मामला तुरंत तनावपूर्ण हो गया, लेकिन मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।
CO सिटी अमित सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्वामी प्रसाद मौर्य का काफिला जब रायबरेली के सारस चौराहे पर रुका, तो वहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे। वे उन्हें माला पहना रहे थे, तभी एक युवक भीड़ में घुसा और माला पहनाने के बहाने नजदीक पहुंच गया। माला पहनाने के बाद युवक ने अचानक पीछे से स्वामी प्रसाद के सिर पर हाथ मारा और मौके से भागने लगा।
ये सब इतनी तेजी से हुआ कि पहले तो किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है, लेकिन जैसे ही मौर्य ने चिल्लाया, कार्यकर्ताओं ने दौड़कर युवक को पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक को भी पकड़ा गया और दोनों की पिटाई शुरू कर दी गई। पुलिस ने बमुश्किल दोनों को बचाकर थाने भेजा।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। उन्हें कोतवाली ले जाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमले के पीछे की मंशा, आरोपी की राजनीतिक या संगठनों से संबद्धता और हमले की योजना की गहराई से जांच की जा रही है।
हमले के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी प्रतिक्रिया में योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“करणी सेना के नाम पर कुछ कीड़े-मकोड़े योगी सरकार की कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकार गूंगी, बहरी, अंधी बनकर तमाशा देख रही है। हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो दर्शाता है कि गुंडे-माफिया कितने बेखौफ होकर घूम रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि ये कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि उन्हें डराने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश है।
ये पहला मौका नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला हुआ हो। दो साल पहले लखनऊ में भी एक युवक ने उन पर जूता फेंककर हमला किया था। यह हमला उस समय हुआ जब वे सपा के पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में शामिल होने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान जा रहे थे। हमलावर ने वकील की ड्रेस पहन रखी थी और कार से उतरते ही स्वामी प्रसाद पर जूता फेंका। उस वक्त भी सपा कार्यकर्ताओं ने हमलावर की जमकर पिटाई की थी।
स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं और पांच बार विधायक रह चुके हैं। चार बार यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। पहले बसपा में थे, फिर भाजपा में शामिल हुए और योगी सरकार 1.0 में मंत्री बने। लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली थी।
सपा ने उन्हें कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन वे चुनाव हार गए। इसके बाद एक साल पहले उन्होंने सपा से भी इस्तीफा दे दिया। अपने राजनीतिक करियर के शुरुआती दिनों में वे लोकदल और जनता दल जैसे दलों से भी जुड़े रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि ये हमला व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम था या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है। सुरक्षा व्यवस्था की खामियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि यह हमला पुलिस सुरक्षा के बीच हुआ।
स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थकों में आक्रोश है और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मौर्य का काफिला बिना देर किए रायबरेली से फतेहपुर के लिए रवाना हो गया।
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