बंगाल

WEST BENGAL: CM ममता ‘दीदी’ ने क्यों रोक दी कोलकाता मेट्रो की रफ्तार ?

WEST BENGAL: CM ममता ‘दीदी’ ने क्यों रोक दी कोलकाता मेट्रो की रफ्तार ?

केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में रेलवे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है, जिसके लिए राज्य को भारी धनराशि भी आवंटित की गई है। बंगाल के लिए सालाना रेलवे खर्च कथित तौर पर बढ़ाकर ₹13,955 करोड़ कर दिया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के असहयोग के कारण कई महत्वपूर्ण रेलवे और मेट्रो परियोजनाएं अटकी हुई हैं, जिससे विकास की रफ्तार थम सी गई है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी के एक सवाल का जवाब देते हुए राज्य की ममता सरकार के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की उदासीनता और असहयोग के चलते कोलकाता मेट्रो के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट या तो पूरी तरह से रुके पड़े हैं या उन पर बहुत धीमी गति से काम चल रहा है।

केंद्रीय रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो के विकास की धीमी गति को आंकड़ों से स्पष्ट किया। उन्होंने बताया:

  • 1972 से 2014 तक (42 वर्षों में): कोलकाता मेट्रो का कुल विस्तार महज 28 किलोमीटर का था।
  • 2014 से 2025 के बीच (11 वर्षों में): यह विस्तार बढ़कर 45 किलोमीटर का हो गया।

केंद्र सरकार का सीधा आरोप है कि राज्य सरकार परियोजनाओं को पूरा करने में आवश्यक सहयोग नहीं कर रही है। प्रमुख बाधाओं में जमीन अधिग्रहण में देरी, अनाधिकृत दुकानों को हटाने में विफलता, और उपयोगिता स्थानांतरण संबंधी मामले शामिल हैं।

रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में कोलकाता और उसके आसपास कुल 52 किलोमीटर के 4 मेट्रो कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं। इनमें से लगभग 20 किलोमीटर का काम राज्य सरकार से संबंधित भूमि अधिग्रहण और उपयोगिता स्थानांतरण संबंधी मुद्दों की वजह से पूरी तरह से अटका हुआ है।

वहीं, जोका-एस्प्लेनेड कोलकाता मेट्रो लाइन का निर्माण पिछले पांच वर्षों से रुका हुआ है। इसकी मुख्य वजह ये है कि राज्य सरकार ने खिद्दरपुर स्टेशन के लिए जरूरी जमीन के एक छोटे से टुकड़े को मंजूरी देने में पूरे 5 साल लगा दिए।

  • रेलवे ने 24 अगस्त 2020 को ही जमीन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया था।
  • जिस पर मंजूरी 5 साल बाद, जुलाई 2025 में दी गई।
  • स्टेशन निर्माण के लिए राज्य सरकार की 837 वर्ग मीटर स्थायी और 1,702 वर्ग मीटर अस्थायी जमीन की जरूरत थी।
  • कई दौर की बैठकों के बावजूद राज्य सरकार की ओर से आधे दशक तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस जमीन के बिना शेष 6.26 किलोमीटर मेट्रो का काम आगे नहीं बढ़ सकता

एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य में बाधा डाल रही 528 अनधिकृत दुकानें हटाने में राज्य सरकार साढ़े तीन साल से अधिक समय से विफल रही है।

  • रेलवे ने इन दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थानों का निर्माण अपने खर्च पर कर दिया है, जिससे इन अनधिकृत ढांचों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा सके।
  • रेलवे ने फरवरी 2022 में ही राज्य सरकार को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए अनुरोध पत्र भेज दिया था, लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न होने के कारण मामला साढ़े तीन साल से अधिक समय से लंबित है।

कोलकाता का न्यू गरिया-दमदम एयरपोर्ट मेट्रो प्रोजेक्ट पिछले 10 महीनों से अटका हुआ है। केंद्र सरकार का कहना है कि, ये देरी इंजीनियरिंग या रेलवे की समस्या के कारण नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की नौकरशाही नाकाबंदी की वजह से है।

  • राज्य सरकार ने चिंगरीघाटा में यातायात-मार्ग-परिवर्तन (traffic-diversion) के लिए एनओसी जारी करने से इनकार कर दिया।
  • रेलवे ने इस साल फरवरी में ही मार्ग-परिवर्तन का काम पूरा कर लिया था, जबकि एनओसी के लिए अनुरोध दिसंबर 2024 से ही लंबित है।
  • कोलकाता पुलिस और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ कई बैठकों के बावजूद मंजूरी अटकी हुई है, जिससे पुल निर्माण कार्य में देरी हो रही है और लाखों यात्री परेशान हो रहे हैं।

नोआपाड़ा-बारासात मेट्रो प्रोजेक्ट भी इसलिए रुकी हुई है क्योंकि राज्य सरकार ने अब तक अतिक्रमण नहीं हटाए हैं और न ही जरूरी जमीन का अधिग्रहण किया है।

  • करीब 23,000 वर्ग मीटर जमीन अभी भी लंबित है, जिसमें 1,277 झोपड़ियां और 764 दुकानें शामिल हैं।
  • केंद्र द्वारा पहले के खंडों को पूरा करने के बावजूद, 7.5 किलोमीटर का काम राज्य सरकार की ओर से सहयोग न मिलने के कारण रुका हुआ है।

रेल मंत्रालय द्वारा जारी जवाब के अनुसार, राज्य ने रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए आवश्यक भूमि का महज 27% हिस्सा ही स्वीकृत किया है, जिससे 73% हिस्सा लंबित है।

  • नवद्वीप घाट-नवद्वीप धाम जैसी महत्वपूर्ण लाइनों के लिए धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद अभी तक कोई भूमि अधिग्रहित नहीं की गई है। देरी की वजह फाइलों और स्वीकृतियों में अनावश्यक विलंब है, और राज्य सरकार के पास फाइलें मंजूरी के लिए रुकी हुई हैं।
  • केंद्र ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए बताया कि राज्य ने रेलवे मार्ग को अवरुद्ध करने वाले अतिक्रमणों को छुआ तक नहीं है, जिससे काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में रेल प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए धनराशि आवंटन में भारी वृद्धि की है।
  • बंगाल के लिए सालाना रेलवे खर्च कथित तौर पर बढ़ाकर ₹13,955 करोड़ कर दिया गया है।
  • 2009 से 2014 के बीच जहां राज्य को कुल ₹4,380 करोड़ दिए गए थे, वहीं 2025-26 के बजट में 3 गुना बढ़ोतरी करते हुए धनराशि ₹13,955 करोड़ कर दी गई।
  • 1 अप्रैल 2025 तक, कुल 4,402 किलोमीटर लंबाई की 42 परियोजनाएं (12 नई लाइनें, 4 आमान परिवर्तन और 26 दोहरीकरण), जिनकी लागत ₹67,991 करोड़ है, स्वीकृत की गई हैं, जो पूर्ण या आंशिक रूप से पश्चिम बंगाल में आती हैं।

केंद्र सरकार धन और योजना के साथ तैयार है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने और आवश्यक एनओसी जारी करने में जानबूझकर की जा रही देरी के कारण बंगाल के लाखों नागरिक विकास परियोजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। ये गतिरोध राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Abhishek Saini

Recent Posts

भारत को ये मास्टर प्लान दिलवा सकता है फाइनल का टिकट ? इस एक खिलाड़ी को है रोकना

आईसीसी मेन्स टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मैच वानखेड़े में भारत और इंग्लैंड के…

17 hours ago

लड़ाई के बीच पुतिन ने किया बड़ा एलान, रूस उठाने वाला है ये कदम ?

Iran-US-Israel जंग के बीच रूस के राष्ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा ऐलान किया है।…

18 hours ago

“मैं राज्यसभा का सदस्य बनना चाहता हूं”, बिहार की कुर्सी छोड़ नीतीश कुमार ने जताई दिल्ली जाने की इच्छा

बिहार की राजनीति में नया खेला शुरू हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार…

20 hours ago

दिल्ली के इस इलाके में आग लगने से सनसनी, एक लड़की हुई लापता

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रिठाला इलाके में गुरुवार तड़के झुग्गियों में भीषण आग लग गई।…

21 hours ago

पुतिन ने दिया भारत का साथ, 95 लाख बैरल तेल भेजने को तैयार रूस, भारत के पास सिर्फ 25 दिन का रिजर्व !

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्‍चे तेल आने का…

21 hours ago

HARYANA BUDGET 2026: जानिए किसको क्या मिला ?

HARYANA BUDGET 2026: जानिए किसको क्या मिला ? हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने…

3 days ago