हरियाणा की राजनीति में इन दिनों एक अलग ही उबाल है। खासकर दक्षिण हरियाणा यानी अहीरवाल बेल्ट में। और इस बार सियासी हलचल की वजह कोई और नहीं बल्कि केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव हैं। 18 जुलाई को कोसली क्षेत्र के एक गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए आरती राव ने कुछ ऐसे बयान दे दिए, जिससे हरियाणा की राजनीति में जैसे करंट दौड़ गया। उन्होंने न सिर्फ अपनी ताकत दिखाई, बल्कि पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि “हमने ही भाजपा की सरकार बनवाई, और अब काम भी हमारे कहने से ही होंगे।” आरती राव ने साफ कहा कि जब हरियाणा में किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि भाजपा सत्ता में आएगी, तब हमने हवा बनाई और सरकार बनवाई। उन्होंने आगे कहा कि जो भी जनता का काम है, उसका ऑफिस रामपुरा में चलता है और अब तो चंडीगढ़, दिल्ली, रेवाड़ी और डहीना में भी हमारे ऑफिस हैं। कोई भी जरूरत हो, हम उसके लिए हमेशा तैयार बैठे हैं। ये बयान साफ संकेत था कि राव परिवार सिर्फ चुनावी नेता नहीं, बल्कि सत्ता की असली धुरी बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है।
‘राव इंद्रजीत भी कह चुके हैं हमने सरकार बनाई’
आरती राव के इन बयानों से पहले खुद राव इंद्रजीत सिंह कई बार खुले मंचों से सीएम सैनी को सीधा संदेश दे चुके हैं। 15 जून को रेवाड़ी में एक रैली में उन्होंने कहा था, “हमने सरकार बनाई है, हमारा काम किया जाना चाहिए।” इस पर सीएम नायब सिंह सैनी ने मंच से ही जवाब देते हुए कहा कि “हम सिर्फ किसी एक समाज की नहीं, पूरे हरियाणा की सरकार हैं।” 15 जून को जब रेवाड़ी की रैली में सीएम और केंद्रीय मंत्री आमने-सामने दिखे, तो उसके ठीक 3 दिन बाद 18 जून को चंडीगढ़ स्थित आरती राव के घर डिनर पार्टी हुई। इसमें दक्षिण हरियाणा के 12 विधायक शामिल हुए। राव नरबीर को छोड़कर गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी के सभी विधायक पहुंचे। इससे हलचल मच गई और कुछ विधायक सफाई देने तक सीएम हाउस पहुंच गए।
13 जुलाई को आरती राव के साथ सीएम सैनी ने किया था डिनर
इस सियासी गर्मी को शांत करने के लिए 13 जुलाई को फिर से एक डिनर हुआ। इस बार माहौल दोस्ताना था और मुख्यमंत्री नायब सैनी अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए। उनके साथ मंत्री अरविंद शर्मा और उनकी पत्नी भी आए, जो पहले रैली में मौजूद थे।जननायक जनता पार्टी (JJP) के दिग्विजय चौटाला ने कहा था कि राव इंद्रजीत को अब नेशनल पार्टी छोड़कर रीजनल पार्टी की ओर रुख करना चाहिए, क्योंकि “रीजनल ही ओरिजिनल है।” उन्होंने यह तक कहा कि अगर राव साहब सीएम बनने का सपना देखते हैं, तो उन्हें बड़ा फैसला लेना होगा।इस पर आरती राव ने तीखा जवाब देते हुए कहा, “हम दिग्विजय से सलाह लेंगे तो हमारा हाल उनके जैसा हो जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता का अनुभव दोगुना है और उन्हें सलाह देने वाले पहले अपने स्तर का आकलन करें।
राव इंद्रजीत और आरती राव कुछ बड़ा करना चाहते हैं!
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि राव इंद्रजीत और आरती राव अब धीरे-धीरे हरियाणा की सियासत में एक पॉवर सेंटर बनते जा रहे हैं। दक्षिण हरियाणा की पकड़ और जनाधार ने भाजपा को बार-बार सत्ता दिलाई है, और अब ये परिवार इसका लाभ सत्ता में भागीदारी के रूप में चाहता है।हरियाणा की राजनीति में आरती राव और राव इंद्रजीत सिंह एक निर्णायक ताकत के रूप में उभर रहे हैं। अहीरवाल बेल्ट की पकड़, जनता का समर्थन और संगठन पर प्रभाव उन्हें अगले कुछ महीनों में एक नई भूमिका में लाने की दिशा में संकेत दे रहा है। अब देखना ये है कि भाजपा इस ताकत को कैसे साधती है, और क्या राव परिवार को उनका ‘हक’ मिल पाता है या नहीं।
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