हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में नया नाम, विनय कुमार की दावेदारी हुई मजबूत ! दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात तय

Channel 4 NEWS INDIA 


हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में अब एक नया नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। श्री रेणुकाजी विधानसभा सीट से विधायक और मौजूदा विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान उन्हें अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के बड़े चेहरे के रूप में आगे लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए अभी से SC वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति बना रही है। इसी सिलसिले में विनय कुमार को अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। इससे पहले, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दो अन्य SC नेताओं  विनोद सुल्तानपुरी जो कसौली से विधायक हैं और सुरेश कुमार जो भोरंज से विधायक हैं उनके नाम आगे बढ़ाए थे, लेकिन सीनियर कांग्रेस नेताओं ने इनके कम अनुभव का हवाला देते हुए आपत्ति जताई।

विनय कुमार की हाईकमान से होगी मुलाकात

बता दें कि विनय कुमार मंगलवार शाम को दिल्ली रवाना हो गए हैं, जहां उनकी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से 14 जून को बैठक प्रस्तावित है। खड़गे अभी कर्नाटक दौरे पर हैं। वहीं, सूत्र बताते हैं कि मंगलवार को मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी दिल्ली में कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से लंबी बातचीत की और विनय कुमार के नाम पर विस्तार से चर्चा की।गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में जब प्रतिभा सिंह को हिमाचल कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, तब पार्टी ने चार वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किए थे। इनमें से तीन नेता अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो चुके हैं। अब सिर्फ विनय कुमार ही कांग्रेस में बचे हैं, जो उन्हें एकमात्र भरोसेमंद विकल्प बना देता है।

कांग्रेस खेलेगी SC कार्ड ?

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति केवल जातीय समीकरणों का मामला नहीं है, बल्कि इसके साथ ही पार्टी को आगामी चुनावों की रणनीति, गुटबाजी का समाधान और संगठन को नए सिरे से ऊर्जा देना भी है। ऐसे में विनय कुमार का अनुभव, संगठन से जुड़ाव और SC पहचान उन्हें अन्य नामों से अधिक मजबूत बनाता है। फिलहाल हिमाचल कांग्रेस की राजनीति में फिलहाल सबकी निगाहें विनय कुमार की दिल्ली बैठक पर टिकी हैं। अगर उन्हें अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह कांग्रेस का 2027 चुनावों के लिए एक बड़ा SC कार्ड साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि कांग्रेस हाईकमान इस पद के लिए अनुभव और सामाजिक समीकरणों में किसका पलड़ा भारी मानता है।

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