Uncategorized

US ने किया दावा, ईरान खुद नहीं खोज पा रहा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी बारूदी सुरंग

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा मुद्दा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह से खोलने में सक्षम नहीं है क्योंकि उसने पहले जो समुद्री बारूदी सुरंगें (Sea Mines) बिछाई थीं, अब वे उसके खुद के नियंत्रण से बाहर हो गई हैं और उन्हें ढूंढ पाना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही उन्हें हटाने की क्षमता भी सीमित बताई जा रही है।

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यही मुख्य वजह है कि ईरान अमेरिका की मांग को जल्दी पूरा नहीं कर पा रहा है, जिसमें इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य करने की बात कही गई है। इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता को भी और जटिल बना दिया है।

बताया जा रहा है कि इस सप्ताह पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरानी वार्ताकारों और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हो रही है, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। दोनों पक्ष युद्ध को रोकने और स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन होर्मुज का मामला बड़ी बाधा बन गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम तेल परिवहन मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। अगर यह मार्ग बाधित होता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल और कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईरान ने पिछले महीने हमलों के जवाब में छोटे जहाजों के जरिए कुछ इलाकों में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, लेकिन उनका रिकॉर्ड सही तरीके से नहीं रखा गया। कई सुरंगें समय के साथ अपनी जगह से हट गईं या बह गईं, जिससे स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई है।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने भी चेतावनी जारी की है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाज खतरे में हो सकते हैं और कुछ सीमित सुरक्षित रास्तों की जानकारी दी गई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बारूदी सुरंगों को हटाना उन्हें बिछाने से कहीं ज्यादा मुश्किल काम है और इसमें काफी समय लग सकता है।

ये भी पढ़ें:

admin

Recent Posts

दिल्ली में क्यों नहीं रुक रहे बिल्डिंग हादसे? नियमों के बावजूद खड़ी हैं हादसों को दवात देती इमारतें

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध और कमजोर इमारतों का खतरा…

2 hours ago

शाहजहांपुर: पुलिसवाले ही बन गए किडनैपर, सर्राफा व्यापारी से की रंगदारी

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला…

3 hours ago

मायावती का नया सियासी दांव! आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव…

4 hours ago

उत्तराखंड के इन गांवों में पीलिया और डायरिया का कहर, 100 से ज्यादा बीमार, 2 की मौत

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता…

4 hours ago

11 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली महिला, नेपाल में चमत्कारिक रेस्क्यू

नेपाल के नुवाकोट जिले में राहत और बचाव अभियान के दौरान एक बेहद हैरान करने…

2 days ago

मंडी में अधिकारियों पर भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- अब काम दिखना चाहिए

हिमाचल प्रदेश के मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक…

2 days ago