उत्तराखण्ड

UK: उत्तराखंड वन विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने, CM धामी को बिना फिटनेस वाली गाड़ी में बिठाया, मामला संज्ञान में आते ही वन विभाग हुआ अलर्ट

UK: उत्तराखंड वन विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

(UK) अक्सर हम देखते है कि मंत्रियों विधायकों के काफिलों में हमें सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम देखने को मिलते है जिसको तोड़ना आम नागरिकों के लिए संभव नहीं है। लेकिन अगर मैं आपको कहूं कि ऐसा भी संभव है कि नेताओं, मंत्रियों, विधायकों की भी सुरक्षा में चूक हो जाती है। किसी भी सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्ति को अक्सर जान का खतरा बना ही रहता है।

लेकिन अगर ऐसे में उनकी सुरक्षा में कमी पाई जाती है तो ये उनके और उनके परिवार के लिए सही नहीं है, वैसे यहां एक सवाल ये बनता है कि, अगर उनकी सुरक्षा भी कटघरे में खड़ी है तो हमारी सुरक्षा कौन करेगा और कैसे। चलिए आइए आपको एक घटना से अवगत करवाती हूं, हालही में उत्तराखंड (UK) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्बेट नेशनल पार्क की जंगल सफारी पर निकल पड़े।

लेकिन वहां उत्तराखंड (UK) वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

उत्तराखंड (UK) वन विभाग ने जंगल सफारी के दौरान जिस जिप्सी में मुख्यमंत्री धामी को बिठाया गया, उस जिप्सी की 5 साल पहले फिटनेस करवाई गई थी, उसके बाद से अब तक इस जिप्सी की फिटनेस नहीं करवाई गई। मुख्यमंत्री के दौरे में इस तरह की लापरवाही वाकई सही नहीं है। हालांकि मामला सामने आते ही कार्बेट पार्क प्रशासन ने इस पर जांच बिठाई है

प्रमुख बांध संरक्षक समीर सिन्हा ने इसके जांच के आदेश दिए हैं। वहीं वन मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि, पूरे मामले की जांच की जाएगी। मामले की जांच वन्यजीव एवं प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक रंजन मिश्रा ने शुरू कर दी है।
आइए आपको पूरे मामले के बारे में बता देती हूं दरअसल हुआ कुछ यूं कि, 6 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (UK) नैनीताल के रामनगर स्थित प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क में जंगल सफारी करने गए थे।

वहां उन्होंने पौधा रोपण किया और कार्बेट पार्क की सफारी पर भी गए। मुख्यमंत्री को पार्क प्रशासन (UK) की ओर से जिस जिप्सी में बैठाया गया था उसकी फिटनेस 22 अगस्त 2022 को 5 साल पहले एक्सपायर हो चुकी है। बावजूद इसकी जांच के बिना ही मुख्यमंत्री (UK) को बिना फिटनेस वाली जिप्सी पर बैठाया गया। जिससे सीएम की सुरक्षा में घोर लापरवाही माना जा रहा है।

इस लापरवाही के बाद कॉर्बेट पार्क निदेशक साकेत बडोला की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। कि, आखिर कैसे उन्होंने बिना जांच किये मुख्यमंत्री (UK) पुष्कर सिंह धामी के लिए बिना फिटनेस वाले वाहन को अलाउड किया। क्यों नहीं इस वाहन की पहले से जांच कराई गई?

हालांकि पार्क निदेशक साकेत बडोला का कहना है कि, बेशक वाहन की फिटनेस जांच की तारीख निकल गई थी, लेकिन वाहन फिट था, जिसमें किसी भी तरह की कोई खराबी नहीं थी। इस मामले की जांच की जा रही है सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।

उधर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि, कॉर्बेट पार्क में संचालित हो रहे वाहनों की फिटनेस करने की जिम्मेदारी किसकी होती है? इसकी जानकारी पार्क निदेशक से ली जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच जारी है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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