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जलवायु परिवर्तन से उत्तराखंड की इस नदी पर बढ़ा जल संकट का खतरा, सामने आई डरावनी रिपोर्ट

जलवायु परिवर्तन का असर अब उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। IIT रुड़की और जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के शोधकर्ताओं की एक नई स्टडी में उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन को लेकर चिंता जताई गई है। स्टडी के मुताबिक, आने वाले वर्षों में तापमान बढ़ने के साथ इस इलाके में भूजल रिचार्ज कम हो सकता है और सूखे का खतरा बढ़ सकता है। इसका सीधा असर खेती, पीने के पानी और पहाड़ी पर्यावरण पर पड़ने की आशंका है।

बढ़ते तापमान से बदल सकता है जल चक्र

शोधकर्ताओं ने पांच प्रमुख ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल के आंकड़ों का इस्तेमाल किया। इसके बाद Soil and Water Assessment Tool यानी SWAT मॉडल के जरिए यह समझने की कोशिश की गई कि भविष्य में जलवायु परिवर्तन का कोसी नदी बेसिन के पानी और जल चक्र पर क्या असर पड़ सकता है।

स्टडी के अनुसार, अभी कोसी बेसिन में अधिकतम तापमान करीब 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है। सदी के अंत तक मध्यम उत्सर्जन की स्थिति में यह तापमान करीब 41.6 डिग्री और ज्यादा उत्सर्जन की स्थिति में करीब 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।तापमान बढ़ने से पानी का वाष्पीकरण भी ज्यादा होगा। इसका असर क्षेत्र में उपलब्ध पानी की मात्रा पर पड़ सकता है।

भूजल रिचार्ज में भी आ सकती है कमी

शोधकर्ताओं का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण वाष्पोत्सर्जन बढ़ सकता है और जमीन के अंदर पानी पहुंचने यानी भूजल रिचार्ज में कमी आ सकती है। उत्तराखंड के कई पहाड़ी गांव आज भी प्राकृतिक जल स्रोतों और स्थानीय पानी के स्रोतों पर निर्भर हैं। ऐसे में अगर भूजल रिचार्ज कम होता है और सूखे की स्थिति बढ़ती है, तो स्थानीय लोगों के सामने पानी की समस्या गंभीर हो सकती है।

खेती और पर्यावरण पर भी असर

कोसी नदी बेसिन में पानी की उपलब्धता में बदलाव का असर केवल पीने के पानी तक सीमित नहीं रहेगा। खेती भी इससे प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा हिमालयी क्षेत्र का नाजुक पर्यावरण भी जलवायु परिवर्तन की चपेट में आ सकता है।

जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के डायरेक्टर डॉ. आई. डी. भट्ट के मुताबिक, हिमालयी जलग्रहण क्षेत्रों में जल चक्र में बड़े बदलाव की संभावना है। ऐसे में भविष्य के लिए वैज्ञानिक तरीके से जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के हिसाब से तैयारी करना जरूरी होगा।

पूरी दुनिया में दिख रहा Climate Change का असर

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के कारण गंभीर परिस्थितियां सामने आ रही हैं। यूरोप में भी हाल के वर्षों में तेज गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिला है। वैज्ञानिकों ने भी चेतावनी दी है कि बढ़ता तापमान मानव जीवन, पानी की उपलब्धता और प्राकृतिक पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन पर सामने आई यह स्टडी आने वाले समय में पानी की सुरक्षा को लेकर समय रहते तैयारी करने की जरूरत को सामने रखती है।

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