नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब एक नई बड़ी आफत का खतरा पैदा हो गया है। नेपाल-चीन सीमा के पास ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट के ऊपर ग्लेशियर टूटने से बनी एक झील अब ओवरफ्लो होने लगी है। झील से पानी बाहर निकलने के बाद नीचे बहने वाली नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
चीन की सरकारी मीडिया सीसीटीवी के मुताबिक, झील का पानी उसके किनारों से बाहर निकलना शुरू हो गया है। यही झील पिछले 24 घंटे से चीन और नेपाल दोनों देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। अधिकारियों को पहले से ही आशंका थी कि अगर मलबे से बने प्राकृतिक बांध के टूटने से पानी अचानक बड़ी मात्रा में नीचे आया तो पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में दूसरी बड़ी तबाही हो सकती है।
झील से पानी बाहर निकलने की खबर के बाद नेपाली सेना ने एहतियात के तौर पर राहत और बचाव अभियान कुछ समय के लिए रोक दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में मौजूद रेस्क्यू टीमों और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि झील के किनारे से पानी निकलने की सूचना मिली है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से नदी के आसपास चल रहे बचाव कार्यों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर टीमों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
चीन की आठ सदस्यीय इंजीनियरिंग टीम के सर्वे के अनुसार, झील में अब 25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी जमा हो चुका है। एक दिन पहले इस झील में करीब 15 से 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी होने का अनुमान लगाया गया था।चीन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगले कुछ दिनों में झील में करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी पहुंच सकता है। इतनी बड़ी मात्रा में पानी जमा होने से प्राकृतिक बांध पर दबाव बढ़ने और उसके टूटने का खतरा भी बढ़ गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, झील में आने वाला अतिरिक्त पानी करीब 1,200 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल के बराबर हो सकता है। इसी वजह से चीन और नेपाल दोनों देशों ने इलाके में अलर्ट जारी किया हुआ है। चीनी इंजीनियरिंग टीम ने झील का हवाई सर्वे और 3D मॉडलिंग भी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, झील करीब 150 मीटर लंबी और 40 से 50 मीटर गहरी है। खतरे को कम करने के लिए झील के प्राकृतिक बांध में एक निकासी चैनल बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जा सके।
नेपाल के त्रिशूली इलाके में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। प्रभावित इलाके में चल रहे कई काम रोक दिए गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल हो रहे वाहनों को भी वापस बुलाया जा रहा है।
चीन की ओर से बचावकर्मियों और वाहनों को भी प्रभावित क्षेत्र से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। अधिकारियों को इस बात का भी डर है कि झील से पानी निकलने के साथ-साथ पहाड़ खिसकने और हिमस्खलन जैसी दूसरी आपदाएं भी आ सकती हैं।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही है कि झील से निकल रहा पानी कितनी तेजी से नीचे के इलाकों तक पहुंचेगा। नेपाल में पहले ही बाढ़ से भारी तबाही हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोगों की मौत और कई लोगों के लापता होने के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। अब ग्लेशियर से बनी इस झील के ओवरफ्लो होने से दूसरी बड़ी बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान के मेजर जनरल…
दिल्ली में बढ़ती प्याज की कीमतों के बीच आम लोगों को राहत देने की तैयारी…
गुजरात के अहमदाबाद में भारी बारिश के बाद हुई जलभराव की समस्या को लेकर केंद्रीय…
बिहार के रोहतास जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी…
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुजुर्ग महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। राज्य…
दिल्ली में कैंसर की दवाओं की कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। दिल्ली…