उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियोग्राफी पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों राज्यों में स्कूलों में जाने और वहां फोटो, वीडियो, इंटरव्यू या लाइवस्ट्रीमिंग करने के लिए पहले से अनुमति लेने की व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी।
मामला उस समय चर्चा में आया था, जब ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूलों से जुड़े कई वीडियो सामने आए थे। इस अभियान में स्कूलों की व्यवस्थाओं और कमियों को दिखाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए थे। कुछ मामलों में बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश करने और शिक्षकों पर दबाव बनाने के आरोप भी सामने आए थे।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर नियम सख्त किए थे। इसके तहत पत्रकारों, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया यूजर्स और समाज के अन्य प्रतिनिधियों को बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश करने से रोका गया। इसके अलावा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइवस्ट्रीमिंग के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी कर दी गई थी। राजस्थान में यह आदेश 16 अगस्त 2026 और उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त 2026 को जारी किया गया था।
याचिकाकर्ता ने क्या दलील दी?
इन आदेशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि इस तरह के प्रतिबंध नागरिकों के संविधान में दिए गए अनुच्छेद 14, 19, 21 और 21-A के अधिकारों को प्रभावित करते हैं। याचिका में कहा गया था कि स्कूलों की स्थिति को स्वतंत्र रूप से रिकॉर्ड करने से वहां की कमियां सामने आ सकती हैं। इनमें शौचालय, पीने का पानी, मिड-डे मील और स्कूल की बुनियादी सुविधाएं जैसी समस्याएं शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने मंगलवार को याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस याचिका पर सुनवाई करने के इच्छुक नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने इस स्तर पर राज्यों के आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
फिलहाल क्या रहेगा नियम?
सुप्रीम कोर्ट के याचिका खारिज करने के बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश और फोटो-वीडियोग्राफी पर लगी पाबंदी फिलहाल जारी रहेगी। यानी पत्रकार, यूट्यूबर, सोशल मीडिया यूजर या कोई अन्य बाहरी व्यक्ति स्कूल परिसर में जाकर फोटो, वीडियो, इंटरव्यू या लाइवस्ट्रीमिंग करना चाहता है, तो उसे संबंधित नियमों के मुताबिक पहले अनुमति लेनी होगी।
