जयपुर: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के बहुप्रतीक्षित चुनाव का कार्यक्रम आज जारी किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
इस चुनाव में करीब 4.03 करोड़ ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर तक पूरा कराने का लक्ष्य बताया गया है। हालांकि मतदान की तारीखों और चरणों की अंतिम जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
1.69 लाख से ज्यादा पदों पर होगा चुनाव
राजस्थान के त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव में कुल 1,69,456 पदों के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव होना है। इनमें जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर के पद शामिल हैं।
प्रमुख पदों में:
राजस्थान में स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
एक मतदाता को डालने होंगे चार वोट
इस चुनाव में ग्रामीण मतदाताओं को अलग-अलग स्तरों के प्रतिनिधियों के लिए कुल चार वोट डालने होंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल होगा और ये चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह पर होंगे।
वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव मतपत्र के जरिए कराया जाएगा। इन चुनावों में उम्मीदवार पार्टी के आधिकारिक चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़ेंगे।
4.03 करोड़ मतदाताओं में करीब 1.94 करोड़ महिलाएं
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 4,03,02,005 मतदाता चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। इनमें करीब 2.08 करोड़ पुरुष और 1.94 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं।
कुछ जिला परिषद और पंचायत समिति क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक बताई गई है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की भागीदारी चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगी।
आदिवासी क्षेत्रों में आरक्षण की खास व्यवस्था
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर आरक्षण की विशेष व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार इन चार जिलों की 1,253 पंचायतों में सरपंच पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं।
आचार संहिता लागू होने के बाद बदल जाएगा प्रशासनिक माहौल
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े क्षेत्रों में सरकारी घोषणाओं, नए शिलान्यास और तबादलों सहित कई गतिविधियों पर निर्वाचन नियम लागू होंगे।
राजस्थान में हाल ही में शहरी निकाय चुनाव की प्रक्रिया के बाद अब पंचायती राज चुनाव पर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां केंद्रित होंगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी 2 अक्टूबर को पंचायती राज प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम में ग्राम पंचायत को स्थानीय विकास की महत्वपूर्ण इकाई बताया था।
अब सभी की नजरें दोपहर 3 बजे होने वाली राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हैं, जहां मतदान की तारीखों, चरणों और पूरी चुनावी प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।
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