रेवाड़ी के भगवानपुर गांव में प्रस्तावित अस्पताल को लेकर चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अभिनेता राज बब्बर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस मुद्दे राव नरबीर और नायब सैनी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तो यहां तक कह दिया की नायब सिंह सैनी राव नरबीर से डरते है। दरअसल उन्होंने इस पूरे विवाद को बेहद गंभीर और जनता से जुड़ा मामला बताया। राज बब्बर ने सीधे शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है कि नेता अपने वादों पर कायम रहें और लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दें। राज बब्बर ने हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का नाम लिए बिना उनके पिता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, “राजा साहब के सामने तो मुख्यमंत्री तक की जुबान नहीं हिलती, वो जो चाहते हैं, वो करवा लेते हैं। लेकिन अब बेटी से हारिए मत।” उनका इशारा साफ था कि बेटी यानी स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की बात को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
राज बब्बर ने एक रिकॉर्डिंग का किया जिक्र
राज बब्बर ने हाल ही में वायरल हुई उस रिकॉर्डिंग का जिक्र भी किया जिसमें कथित तौर पर राव इंद्रजीत सिंह ने भगवानपुर में अस्पताल बनवाने की बात कही थी। राज बब्बर ने कहा, “अगर वह रिकॉर्डिंग सही है, तो फिर राजा साहब को अपनी बात पर टिके रहना चाहिए। राजा की जुबान ही उसका वचन होती है। जनता के लिए की गई बात से पीछे हटना सही नहीं है।” उन्होंने कहा कि अस्पताल किसी एक की जागीर नहीं होता, यह जनता के लिए होता है, इसलिए इसे ‘तेरे-मेरे’ में न बांटा जाए। राज बब्बर ने यह भी कहा कि वह खुद गुरुग्राम लोकसभा के हर व्यक्ति को अपना मानते हैं। “अगर आप बेटी की बात नहीं मानते, तो बताइए, वो हमारी भी बेटी की उम्र की है, हम मिल लेते हैं,” उन्होंने यह कहते हुए भावना और सम्मान की बात भी जोड़ दी।
राव इंद्रजीत 4 अस्पताल बनवा सकते हैं: राज बब्बर
उन्होंने आगे बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने यहां आकर एक वादा किया था कि वे अपने बाप-दादाओं की धरती पर घर बनाएंगे। उन्होंने चुनाव हारने के बावजूद गुरुग्राम में घर लेकर अपना वादा निभाया। इस उदाहरण को उन्होंने राव इंद्रजीत के सामने रखते हुए कहा कि जब मैं जैसा एक आम आदमी अपना वादा निभा सकता है, तो आप जैसे बड़े नेता भी अपनी जुबान पर कायम रह सकते हैं। राज बब्बर ने यह भी माना कि राव परिवार बहुत प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह के पास केंद्र में मंत्री पद है, और उनकी बेटी आरती सिंह राज्य में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में अगर वो चाहें तो रेवाड़ी में एक नहीं, बल्कि चार अस्पताल बनवा सकते हैं। वे छह बार के सांसद रह चुके हैं, तीन बार केंद्रीय राज्य मंत्री बन चुके हैं, उनके पास संसाधन और ताकत दोनों हैं। अब जरूरत है इच्छाशक्ति दिखाने की।
अस्पताल भगवानपुर गांव से न छीना जाए
राज बब्बर ने भगवानपुर गांव के लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि अगर किसी ग्रामीण ने उनके बारे में कोई गलत शब्द कहा है, तो वह उसे दिल से माफ कर देते हैं। लेकिन उन्होंने अपील की कि अस्पताल भगवानपुर गांव से न छीना जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि वह राजनीति में गलत भाषा का समर्थन नहीं करते, लेकिन केंद्रीय मंत्री को भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए और जनता के हित में फैसला लेना चाहिए। राज बब्बर ने रेवाड़ी शहर के मौजूदा अस्पताल की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब तक भगवानपुर में 200 बेड का नया अस्पताल नहीं बनता, तब तक मौजूदा अस्पताल की व्यवस्था सुधारी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में नवजात बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ता है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से भी इस मुद्दे पर मिलने का समय मांगा है ताकि कोई ठोस समाधान निकाला जा सके।
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