गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त हुई पंजाब की AAP सरकारगैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त हुई पंजाब की AAP सरकार

गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त हुई पंजाब की AAP सरकार

 

पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अमृतसर देहात के एसएसपी और 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी मनिंदर सिंह को सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है

राज्य सरकार ने ये कदम जिले में तेजी से बढ़ती गैंगस्टर गतिविधियों और उन पर प्रभावी अंकुश लगाने में असफलता के कारण उठाया है। सूत्रों के मुताबिक, अमृतसर रूरल में पिछले कुछ समय से कई संगठित अपराध, फायरिंग और गैंगस्टर मूवमेंट की घटनाएं बढ़ रही थीं।

इन मामलों में समय पर कार्रवाई न होने और अपराधियों पर मजबूत पकड़ न बना पाने की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची। जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी को निलंबित करने का निर्देश दिया।

आईपीएस मनिंदर सिंह ने 2019 बैच में नियुक्ति के बाद अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी के रूप में काम किया था। उससे पहले वे तरनतारन जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य कर चुके हैं।

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जिसके बाद उन्हें पंजाब के राज्यपाल के एडीसी के रूप में भी तैनात किया गया था। प्रशासनिक अनुभव और फील्ड पोस्टिंग के कारण उन्हें अमृतसर रूरल की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अपराध पर नियंत्रण में नाकामी के चलते अब उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है

तरनतारन उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया था कि, पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण पंजाब में गैंगस्टरों का नेटवर्क फैला। उन्होंने लोगों से कहा था कि, उनकी सरकार अपराधियों, तस्करों और माफियाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।

CM मान ने ये भी कहा था कि, गैंगस्टरों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम जल्द ही अपने अंतिम चरण में पहुंचेगी और अपराधियों को पंजाब में जगह नहीं मिलेगी। CM मान की ये चेतावनी अब एक-एक कर अफसरों की जवाबदेही तय होने के रूप में दिख रही है।

आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने तरनतारन उपचुनाव के प्रचार के दौरान गैंगस्टरों को खुली चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि, बदमाश पंजाब छोड़कर चले जाएं, नहीं तो राज्य सरकार उन्हें खत्म करके दम लेगी।

जिसके बाद से पंजाब सरकार लगातार अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के मूड में है। CM मान ने अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं कि, जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर अधिकारी की मॉनिटरिंग की जा रही है।

तरनतारन उपचुनाव से ठीक तीन दिन पहले चुनाव आयोग ने जिले की एसएसपी डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल को निलंबित कर दिया था। शिरोमणि अकाली दल ने उन पर राजनीतिक पक्षधरता के आरोप लगाए थे, जिसके बाद आयोग ने तत्काल निर्णय लेते हुए कार्रवाई कर दी।

डॉ. ग्रेवाल तरनतारन की पहली महिला एसएसपी थीं और केवल दो महीने पहले ही उन्हें जिम्मेदारी मिली थी। उनकी जगह सुरिंदर लांबा को नए एसएसपी के रूप में नियुक्त किया गया था।

पंजाब सरकार ने हाल ही में मोगा की ADC और नगर निगम कमिश्नर चारुमिता के खिलाफ भी कार्रवाई की है। राज्य के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने उनके सस्पेंशन के आदेश जारी किए। चारुमिता पर आरोप है कि, नेशनल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान 3.7 करोड़ रुपये के मुआवजे में भारी अनियमितता पाई गई।

एक किसान ने मुआवजा न मिलने पर कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद मामला उजागर हुआ। विजिलेंस ब्यूरो ने चार्जशीट तैयार की है और जांच जारी है। हालांकि चारुमिता ने कहा था कि, इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

वहीं, लगातार दो दिनों में दो बड़े अफसरों के सस्पेंशन से ये स्पष्ट है कि, पंजाब सरकार प्रशासनिक स्तर पर ढिलाई को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। गैंगस्टर गतिविधियों, भ्रष्टाचार और राजनीतिक पक्षधरता जैसे मामलों में सरकार “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर आगे बढ़ रही है।

अमृतसर रूरल एसएसपी की कार्रवाई से संदेश साफ है कि, अब अपराध रोकने में नाकाम रहने वाले अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई होगी।