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सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका में प्रदर्शन, भारत सरकार से बातचीत की मांग

जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में अब अमेरिका में भी प्रदर्शन हुआ है। वॉशिंगटन डीसी में दो अमेरिकी नागरिक संगठनों ने भारतीय दूतावास के पास प्रदर्शन कर भारत सरकार से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। प्रदर्शन महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर सोनम वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही तय करने की मांग की।

सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग

प्रदर्शन में शामिल संगठनों ‘Hindus for Human Rights’ और ‘The Azadi Project’ ने कहा कि सरकार को आंदोलन कर रहे लोगों से जल्द बातचीत शुरू करनी चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का समाधान संवाद के जरिए निकाला जाना चाहिए। प्रदर्शन से पहले Hindus for Human Rights ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भी भेजा। पत्र में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा?

संगठन की कार्यकारी निदेशक सुनीता विश्वनाथ ने कहा कि सरकार को अब इस मामले में देरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आंदोलनकारियों की बात सुनी जाए और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकाला जाए। संगठन ने यह भी अपील की कि भूख हड़ताल पर बैठे लोग अपनी सेहत का ध्यान रखें। उनका कहना था कि उनकी आवाज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है और अपनी बात रखने के लिए जान जोखिम में डालना जरूरी नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनका आंदोलन कथित NEET परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने जैसी मांगों को लेकर शुरू हुआ था।शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके बाद अमेरिका में हुए इस प्रदर्शन से यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

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