PM-जनमन की ₹2.33 करोड़ की सड़क 4 महीने में उधड़ी: कई जगह 3 फीट तक धंसाव, मेंटेनेंस अवधि में ही गुणवत्ता पर सवाल

PM-जनमन की ₹2.33 करोड़ की सड़क 4 महीने में उधड़ी: कई जगह 3 फीट तक धंसाव, मेंटेनेंस अवधि में ही गुणवत्ता पर सवाल

चिडौला
कर्री-बैगापारा मार्ग पर दरारें, किनारे धंसे, पुलिया एप्रोच भी क्षतिग्रस्त; ग्रामीण बोले- भारी वाहन नहीं चले, फिर भी सड़क टूट गई

जनकपुर
 प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत L-106 रोड चिडौला से कर्री-बैगापारा तक बनाई गई 4.30 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण पूरा होने के महज चार महीने बाद ही कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त नजर आने लगी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे धंसाव, लंबी दरारें, किनारों का कटाव और पुलिया के एप्रोच पर उखड़ाव दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे तीन फीट से अधिक गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे बरसात के दौरान दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।

शिलापट्ट के अनुसार इस सड़क का निर्माण 233.04 लाख रुपए की लागत से कराया गया। निर्माण कार्य 27 फरवरी 2025 को शुरू हुआ और 13 मार्च 2026 को पूरा हुआ। सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी 12 मार्च 2031 तक ठेकेदार के पास है, जिसके लिए 15.95 लाख रुपए का प्रावधान भी किया गया है। इसके बावजूद निर्माण के कुछ ही महीनों में सड़क की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीण अमर सिंह और राजेश का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद इस मार्ग पर कोई भारी वाहन नहीं चला। केवल बोलेरो, मोटरसाइकिल और अन्य हल्के वाहन ही गुजरते रहे हैं। इसके बावजूद सड़क के किनारे कई जगह धंस गए हैं और डामर की परत में लंबी दरारें पड़ गई हैं। उनका कहना है कि सरकार ने आदिवासी क्षेत्र को बेहतर सड़क सुविधा देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए, लेकिन सड़क छह महीने भी नहीं टिक सकी।

मौके पर ली गई तस्वीरों में कई स्थानों पर सड़क का किनारा बह जाने से डामर हवा में लटका दिखाई दे रहा है। पुलिया के एप्रोच पर भी उखड़ाव और दरारें स्पष्ट नजर आ रही हैं। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात में यह मार्ग दुर्घटना का कारण बन सकता है।
सड़क का निर्माण ठेकेदार अशोक श्रीवास्तव द्वारा कराया गया है।
क्या बोले अधिकारी

कार्यालय अभियंता (ई), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, एमसीबी के अभियंता मोतीराम सिंह ने कहा, “सड़क क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। रविवार को कर्मचारियों को मौके पर जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि निर्माण या रखरखाव में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो नियमानुसार संबंधित एजेंसी से आवश्यक सुधार कार्य कराया जाएगा।”

Rupesh Jha

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