ऑपरेशन हमदर्द: भोपाल रेलवे स्टेशन से 16 बच्चे सुरक्षित मिले, 3 किडनैपिंग केस का भी खुलासा

भोपाल

भोपाल रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान जीआरपी की सतर्कता से एक नाबालिग बच्ची सुरक्षित बचा ली गई। बच्ची प्लेटफॉर्म पर अकेली और संदिग्ध स्थिति में घूमती मिली थी।पुलिस ने उससे बातचीत कर उसकी पहचान की और तुरंत बाल सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई को जीआरपी के ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत अंजाम दिया गया, जिसका मकसद रेलवे स्टेशनों पर लावारिस, गुमशुदा या जोखिम में मिले बच्चों को सुरक्षित संरक्षण देना है।

 रेलवे स्टेशन पर बेसहारा और लावारिस बच्चों की तलाश के लिए जुलाई भर चलाए गए ‘ऑपरेशन हमदर्द’ में जीआरपी भोपाल को बड़ी सफलता मिली। 31 दिन के अभियान के दौरान कुल 16 बच्चों को सुरक्षित तलाशकर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। इनमें 3 बच्चे ऐसे थे, जिनके संबंध में अपहरण के आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि 13 बच्चे रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भटके या लावारिस हालत में मिले। पुलिस अधीक्षक रेल अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन में जीआरपी भोपाल ने रेलवे स्टेशन पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया।

इस दौरान बेसहारा और बेघर लोगों का सत्यापन भी किया गया। अभियान के दौरान पुलिस को एक एक माह की बच्ची (बिहार) सहित गुजरात और उत्तर प्रदेश की दो 17 वर्षीय किशोरियां मिलीं, जिनके अपहरण के मामले संबंधित राज्यों में दर्ज थे। पुलिस ने तीनों को सुरक्षित दस्तयाब कर संबंधित राज्यों की पुलिस और परिजनों को सौंप दिया।

बच्ची सुरक्षित परिजनों को सौंपी
पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम नंदिनी बताया और कहा कि वह पिपरिया, जिला नर्मदापुरम की रहने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि वह बिना किसी को बताए घर से निकल आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने उसे सुरक्षित थाने लाकर चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सूचना दी। इसके बाद उसके परिवार से संपर्क कर पिता को भोपाल बुलाया गया और पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद बच्ची को उनके सुपुर्द कर दिया गया।

ऑपरेशन हमदर्द के तहत कैसे हुई कार्रवाई?
रेलवे स्टेशन ऐसे स्थान हैं जहां हर दिन हजारों लोग आते-जाते हैं। इसी वजह से कई बार गुमशुदा, लावारिस या घर से निकले बच्चे भी यहां पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में जीआरपी और आरपीएफ नियमित जांच अभियान चलाती हैं ताकि बच्चों को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सके। भोपाल में भी प्लेटफॉर्म चेकिंग के दौरान पुलिस की नजर बच्ची पर पड़ी और उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत जरूरी कदम उठाए गए।

जांच के दौरान पुलिस ने बच्ची की पूरी जानकारी जुटाई और यह सुनिश्चित किया कि उसे सुरक्षित माहौल मिले। इसके लिए बाल संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का पालन किया गया। पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय बनाकर बच्ची की काउंसलिंग और पहचान की प्रक्रिया पूरी कराई।

बाद में परिजनों को बुलाकर सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली जिम्मेदारी होती है और किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

पिता पर जेजे एक्ट के तहत मामला
मामले की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बच्ची से भिक्षावृत्ति कराई जा रही थी। इस आधार पर जीआरपी भोपाल ने पिता के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) एक्ट की धारा 76 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसी भी आरोपी की जिम्मेदारी का अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही तय होगा।

11 बालिकाएं और 5 बालक मिले
अभियान के दौरान 13 भटके हुए बच्चे भोपाल रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और आटो से लावारिस हालत में मिले। इनमें सबसे अधिक मध्य प्रदेश के नो बच्चे थे, जबकि उत्तर प्रदेश के तीन और राजस्थान के दो बच्चे शामिल रहे।

वहीं सुरक्षित दस्तयाब किए गए कुल 16 बच्चों में 11 बालिकाएं और 5 बालक थे। इटारसी, नरसिंहपुर, आगर मालवा, शहडोल, चित्तौड़गढ़, लखनऊ और बस्ती सहित विभिन्न जिलों के बच्चों को पहचान और पूछताछ के बाद उनके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया गया। रेलवे स्टेशन पर अकेले या संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने वाले बच्चों की पहले काउंसलिंग, पहचान और सत्यापन किया जाता है। इसके बाद संबंधित पुलिस और परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित सुपुर्द किया जाता है।

    पुलिस का मानना है कि आपरेशन हमदर्द केवल भटके हुए बच्चों को परिवार तक पहुंचाने का अभियान नहीं है, बल्कि मानव तस्करी, बाल अपराध और अपहरण जैसी घटनाओं की रोकथाम का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। जुलाई में सामने आए इन मामलों ने रेलवे स्टेशन पर सतर्क निगरानी की अहम भूमिका को भी उजागर किया। जहीर खान, टीआई, जीआरपी।

 

Rupesh Jha

Recent Posts

Khatu Shyam News: दीपावली से पहले खाटूश्यामजी मंदिर में बड़ा फैसला, साढ़े 19 घंटे बंद रहेंगे पट, जानें दर्शन का नया समय

Khatu Shyam Mandir Darshan Update: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में…

16 hours ago

झुंझुनूं में दर्दनाक हादसा: करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, 5 घायल; PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

Jhunjhunu Accident News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सोमवार को सड़क निर्माण के दौरान बड़ा…

16 hours ago

IAS शिखर अग्रवाल की बढ़ीं मुश्किलें, ACB जांच के बाद कारण बताओ नोटिस जारी, 7 दिन में मांगा जवाब

जयपुर: राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।…

16 hours ago

फाइनल जीतने के बाद भी पाकिस्तान पर ICC का एक्शन, मैच फीस का 5% लगा जुर्माना

नई दिल्ली पाकिस्तानी टीम ने 31 अक्टूबर (शनिवार) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले…

19 hours ago

फाइनल जीतने के बाद भी पाकिस्तान पर ICC का एक्शन, मैच फीस का 5% लगा जुर्माना

नई दिल्ली पाकिस्तानी टीम ने 31 अक्टूबर (शनिवार) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले…

19 hours ago