विदेश

नेपाल में आने वाली है नई मुसीबत! चीन ने खतरे पर चेताया

नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद अब एक नई चिंता सामने आ गई है। चीन ने नेपाल को चेतावनी दी है कि लेंडे नदी तंत्र के ऊपरी इलाके में बनी एक प्राकृतिक झील कभी भी टूट सकती है। अगर ऐसा हुआ तो निचले इलाकों में अचानक पानी का बहाव तेज हो सकता है।

चीन की ओर से नेपाल के विदेश मंत्रालय को भेजी गई जानकारी में बताया गया है कि झील के पानी का रंग लगातार गहरा होता जा रहा है। इसे झील के आसपास बढ़ते खतरे का संकेत माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस झील में पानी लगातार जमा हो रहा है और प्राकृतिक बांध कमजोर पड़ने पर हालात बिगड़ सकते हैं।

यह झील हाल ही में नेपाल और तिब्बत में आई तेज फ्लैश फ्लड के बाद बनी। ग्लेशियर से भारी मात्रा में मलबा नदी में आने के कारण पानी का रास्ता रुक गया। इसके बाद मलबा जमा होकर एक प्राकृतिक बांध बन गया और उसके पीछे पानी इकट्ठा होने लगा। इसी तरह यह नई झील तैयार हुई।

जानकारी के मुताबिक, यह झील चीन की ओर चोचेन नदी और नेपाल की तरफ पुरेपु नदी के आसपास बनी है। चीन के जल संसाधन विभाग के अनुसार, शुक्रवार तक झील में करीब 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा था।

खतरे को देखते हुए चीन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पूरे क्षेत्र पर ड्रोन और सैटेलाइट के जरिए नजर रखी जा रही है। साथ ही यह समझने के लिए मॉडल तैयार किया गया है कि अगर झील का प्राकृतिक बांध टूटता है तो पानी का असर कितना दूर तक हो सकता है।

अनुमान के मुताबिक, झील टूटने की स्थिति में नदी तंत्र में पानी का बहाव करीब 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच सकता है। हालांकि चीन का कहना है कि प्राकृतिक बांध का कुछ हिस्सा टूटने पर भी पानी के नदी किनारों के भीतर रहने की संभावना है। यानी पानी का बहाव अचानक तेज जरूर हो सकता है, लेकिन बड़े इलाके में फैलने की आशंका कम बताई गई है।

चीन के मुताबिक, शुक्रवार को झील का कुछ पानी लेंडे खोला और त्रिशूली नदी की ओर बहना शुरू हो गया था। इसके बाद स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रण में बताया गया। फिर भी नेपाल में चिंता बनी हुई है, क्योंकि देश पहले से ही हालिया फ्लैश फ्लड से हुई भारी तबाही का सामना कर रहा है।

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि तिब्बत में भी सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ऐसे में लेंडे नदी के ऊपरी इलाके में बनी यह नई झील नेपाल प्रशासन के लिए एक और बड़ी चुनौती बन गई है। अगर इसका प्राकृतिक बांध टूटता है तो निचले इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

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