हरियाणा

NEW CONGRESS: हरियाणा में खड़ी होगी ‘नई कांग्रेस’ ? 6 मार्च को दिल्ली में होगी मीटिंग, नेता प्रतिपक्ष का हो सकता है चुनाव !

NEW CONGRESS: हरियाणा में खड़ी होगी ‘नई कांग्रेस’ ?

हरियाणा की राजनीति शुरूआत से ही दिलचस्प रही है शुरूआती समय में जहां हरियाणा में कांग्रेस का बोलबाला था वही अब बीजेपी पार्टी हरियाणा में अपना दम खम दिखाने में जुटी है। हम सभी को पता है हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए 4 महीने बीत चुके है, निकाय चुनाव भी हो चुके है लेकिन कांग्रेस पार्टी के हाल मुझे बदलते हुए नजर नहीं आ रहे है

लोकसभा चुनाव में पार्टी ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया था लेकिन विधानसभा में कांग्रेस पार्टी कहीं ना कहीं पिछड़ती हुई दिखी। विधानसभा चुनाव के बाद जहां भारतीय जनता पार्टी ने अनेकों फैसले ले लिए वही कांग्रेस पार्टी अपनी हार तक की समीक्षा नहीं कर पाई। नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं हुआ। लेकिन अब दिल्ली में 6 मार्च को नए प्रभारी महासचिव बीके हरिप्रसाद ने बैठक बुलाई है। जिसमें की अहम बिंदुओं पर चर्चा के साथ साथ मंथन किया जाएगा। और ये बेहद जरूरी भी इसलिए हो जाता है क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के खत्म होने के कयास लगाए जा रहे है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा का सफर कहीं ना कहीं खत्म होता हुआ नजर आ रहा है

सवाल यहां ये उठता है कि कांग्रेस को 2019 में वापिस अस्तित्व में लाने वाले नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का भविष्य क्या होगा?  विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी हुड्डा ने दिल्ली में विधायकों को बुलाकर शक्ति प्रदर्शन किया था। और देखिए हुड्डा के भविष्य की बात हम नहीं कह रहे है ये तो साफ हाई कमान के निर्णयों में देखने को मिल रहा है। क्योंकि अभी तक हाई कमान ने नेता प्रतिपक्ष के नाम पर हुड्डा के नाम पर मोहर नहीं लगाई है। यहां पर आकर कयास बढ़ते जाते है एक और जो कयास लगाया जा रहा है वो है कि हुड्डा के साथ साथ नई कांग्रेस का गठन हो सकता है।

मीटिंग में पार्टी के काफी समय से खाली पदों को भरने पर भी कार्य हो सकता है। देखिए ऐसा नहीं है कि हरियाणा में चुनावी समीक्षा का काम कांग्रेस ने शुरू नहीं किया। बल्कि कांग्रेस ने चुनावी समीक्षा के लिए पैनल का गठन किया था। कुछ नेताओं से बात भी हुई। लेकिन हरियाणा में प्रभारी दीपक बाबरिया को हटा दिया गया। हुड्डा गुट उन पर नाराज बताया जा रहा था। दीपक बाबरिया का दावा था कि हुड्डा ने ही सारे टिकट बांटे थे और इसी के चलते नतीजा अलग आया।

हरिप्रसाद ने जिन नेताओं को मीटिंग के लिए दिल्ली बुलाया है। उनमें हुड्डा, सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान शामिल हैं। कुछ वरिष्ठ विधायकों और पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है। हुड्डा खेमे के विधायक उन्हें ही विपक्ष का नेता बनाने की वकालत कर रहे हैं। यही नहीं स्टैंड-बाय के तौर पर दो और नाम हुड्डा खेमे ने तैयार रखे हैं। जो हैं- अशोक अरोड़ा और गीता बोखल। हुड्डा खेमे के बाहर से चंदर मोहन दावेदार हैं। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर रणदीप सुरजेवाला या फिर दीपेंद्र हुड्डा को मौका मिल सकता है। ऐसा तभी होगा, जब गैर-जाट नेता को नेता विपक्ष बनाया जाएगा।

Kirti Bhardwaj

Recent Posts

यूपी में सपा का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राज्य…

12 hours ago

जंतर-मंतर आंदोलन को मिली नई ताकत! रविंद्र सिंह भाटी और निर्मल चौधरी की एंट्री, सरकार पर बढ़ा दबाव

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को…

13 hours ago

पेपर लीक पर सख्त होगी कार्रवाई, मोदी कैबिनेट ने बिल को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली के खिलाफ बड़ा कदम…

14 hours ago

ISRO Internship 2026: अंतरिक्ष विज्ञान में करियर बनाने वालों के लिए सुनहरा मौका

अगर आप अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग या नई तकनीक के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते…

14 hours ago

लखनऊ में बनेगा यूपी का नया विधानसभा भवन, कमल की आकृति में होगा भव्य परिसर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्द ही नया विधानसभा परिसर बनने जा रहा है।…

14 hours ago

IRCTC तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव, आधार OTP से होगी सुरक्षा मजबूत

आज के डिजिटल समय में ज्यादातर लोग अपने जरूरी काम ऑनलाइन ही करना पसंद करते…

15 hours ago