मम्प्स, जिसे कण्ठमाला या गलसुआ भी कहा जाता है, एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो बच्चों और वयस्कों दोनों को प्रभावित कर सकती है। यह आमतौर पर हल्की होती है, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ समय से मम्प्स के मामले बढ़ रहे हैं। यदि आप इस बीमारी से बचाव करना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित सावधानियां बरत सकते हैं:
दिल्ली-NCR और देश के अन्य हिस्सों में मम्प्स के मामलों में वृद्धि क्यों हो रही है?
बच्चों को मम्प्स से कैसे बचाएं:
1. टीकाकरण:
मम्प्स से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि आप एमएमआर (खसरा, कण्ठमाला, रूबेला) का टीका लगवा लें। यह टीका बच्चों को 12 महीने और 4-6 साल की उम्र के बीच दिया जाता है। 18 साल से कम उम्र के वयस्कों को भी टीका लगवाना चाहिए जिन्हें अभी तक टीका नहीं लगा है या जिन्हें मम्प्स नहीं हुआ है।
2. अच्छी स्वच्छता:
3. बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें:
यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में हैं जिसे मम्प्स है, तो कम से कम 5 दिनों तक उनसे दूरी बनाए रखें।
मम्प्स के लक्षण:
यदि आपको मम्प्स के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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