मम्प्स, जिसे कण्ठमाला या गलसुआ भी कहा जाता है, एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो बच्चों और वयस्कों दोनों को प्रभावित कर सकती है। यह आमतौर पर हल्की होती है, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ समय से मम्प्स के मामले बढ़ रहे हैं। यदि आप इस बीमारी से बचाव करना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित सावधानियां बरत सकते हैं:

दिल्ली-NCR और देश के अन्य हिस्सों में मम्प्स के मामलों में वृद्धि क्यों हो रही है?

  • टीकाकरण दर में कमी: एमएमआर टीका, जो मम्प्स, खसरा और रूबेला से बचाता है, बच्चों को दिया जाता है। टीकाकरण दर में कमी के कारण अधिक बच्चे संवेदनशील हो जाते हैं।
  • बढ़ी हुई सामाजिक संपर्क: स्कूल और क्रेच जैसे वातावरण में बच्चों का घनिष्ठ संपर्क वायरस को आसानी से फैलने में मदद करता है।

बच्चों को मम्प्स से कैसे बचाएं:

  • टीकाकरण: एमएमआर टीका 12 महीने और 4-6 साल की उम्र के बीच दो खुराक में दिया जाता है।
  • अच्छी स्वच्छता: बार-बार हाथ धोएं, खासकर खांसने, छींकने या शौचालय का उपयोग करने के बाद।
  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें: यदि आपका कोई बच्चा मम्प्स से पीड़ित है, तो उसे स्कूल या अन्य सार्वजनिक स्थानों से घर पर रखें।
  • सूजे हुए लार ग्रंथियों पर ठंडी सेंक करें: दर्द और सूजन को कम करने के लिए दिन में कई बार 15-20 मिनट के लिए सूजे हुए क्षेत्र पर ठंडी सेंक लगाएं।
  • दर्द निवारक दवाएं: बुखार और दर्द को कम करने के लिए आप डॉक्टर द्वारा बताई गई दर्द निवारक दवाएं दे सकते हैं।

1. टीकाकरण:

मम्प्स से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि आप एमएमआर (खसरा, कण्ठमाला, रूबेला) का टीका लगवा लें। यह टीका बच्चों को 12 महीने और 4-6 साल की उम्र के बीच दिया जाता है। 18 साल से कम उम्र के वयस्कों को भी टीका लगवाना चाहिए जिन्हें अभी तक टीका नहीं लगा है या जिन्हें मम्प्स नहीं हुआ है।

2. अच्छी स्वच्छता:

  • बार-बार हाथ धोएं: खासकर खांसने, छींकने या शौचालय का उपयोग करने के बाद।
  • अपने चेहरे को न छुएं: खासकर अपनी आंखों, नाक और मुंह को।
  • खांसते या छींकते समय अपना मुंह और नाक ढकें: ऊतक या अपनी कोहनी से।
  • दूषित सतहों को छूने से बचें: यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में हैं जिसे मम्प्स है।

3. बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें:

यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में हैं जिसे मम्प्स है, तो कम से कम 5 दिनों तक उनसे दूरी बनाए रखें।

मम्प्स के लक्षण:

    • बुखार
    • सिरदर्द
    • मांसपेशियों में दर्द
    • थकान
    • भूख न लगना
    • सूजे हुए लार ग्रंथियां (आमतौर पर एक तरफ)

यदि आपको मम्प्स के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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