उत्तर प्रदेश

Minister OP Rajbhar’s health: मंत्री ओपी राजभर की तबीयत अचानक बिगड़ी, लखनऊ के मेदांता अस्पताल में करवाया चेकअप, डॉक्टर्स की निगारनी में राजभर, हालत में सुधार

Minister OP Rajbhar’s health: मंत्री ओपी राजभर की तबीयत अचानक बिगड़ी

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (सुविधा समाज पार्टी) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ गई। आजमगढ़ में वे एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वाराणसी रवाना होने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें चक्कर आना शुरू हुआ और उनकी जुबान लड़खड़ाने लगी। तुरंत पास में मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाला और उन्हें आजमगढ़ से लखनऊ ले जाया गया। लखनऊ पहुंचने पर उन्हें सीधे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद राजभर को लेकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाज पर नजर बनाए रखी और डॉक्टरों से लगातार जानकारी लेते रहे। लोहिया अस्पताल में राजभर की 2-3 घंटे तक गहन जांच और प्राथमिक चिकित्सा की गई। इसके बाद, परिजनों के निर्णय पर उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है।

लोहिया अस्पताल के प्रवक्ता और कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. भुवन तिवारी ने बताया कि ओम प्रकाश राजभर को चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी, साथ ही उनकी बोलने की क्षमता पर भी असर देखा गया। डॉक्टरों की टीम ने इसे स्ट्रोक अटैक का शुरुआती लक्षण मानते हुए तुरंत जांच शुरू की।

सबसे पहले जनरल मेडिसिन के एक्सपर्ट डॉ. विक्रम सिंह ने राजभर की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभागों को भी इसमें जोड़ा गया। न्यूरोलॉजी के डॉक्टर अब्दुल कवि की देखरेख में सीटी स्कैन किया गया, जिसकी रिपोर्ट सामान्य रही। हालांकि, डॉक्टरों ने आगे की सतर्कता बरतते हुए उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखने की सलाह दी।

लोहिया अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद राजभर को संस्थान के छठे फ्लोर स्थित प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लगातार मौजूद रहे और खुद स्थिति पर नजर रखी। जब रिपोर्ट्स सामान्य आईं, तो वे थोड़ी देर बाद अस्पताल से रवाना हो गए।

लोहिया अस्पताल में प्रारंभिक चिकित्सा के बाद ओम प्रकाश राजभर के परिजनों ने उन्हें मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने का फैसला लिया। दोपहर करीब 3 बजे उन्हें मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया गया है।

मेदांता के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने जानकारी दी कि राजभर को चक्कर आने और जुबान लड़खड़ाने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है। न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. अनूप ठक्कर की अगुवाई में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और सुधार भी देखने को मिल रहा है।

रविवार को ओम प्रकाश राजभर को वाराणसी के कटिंग मेमोरियल स्कूल में आयोजित सामाजिक समरसता भागीदारी रैली को संबोधित करना था। वे आजमगढ़ से वाराणसी के लिए निकलने ही वाले थे कि तभी अचानक उन्हें चक्कर आया और वह कमरे में ही बेड पर बैठ गए। पास में मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें सहारा दिया। उन्होंने देखा कि राजभर की जुबान लड़खड़ा रही थी और बोलने में दिक्कत हो रही थी। स्थिति को समझते हुए तत्काल मेडिकल सहायता के लिए कदम उठाए गए और उन्हें लखनऊ रवाना किया गया।

राजभर की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचने का निर्णय लिया। वे खुद एंबुलेंस में राजभर के साथ लोहिया अस्पताल आए। अस्पताल में उन्होंने डॉक्टरों से सीधे बातचीत की और जांच की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।

लोहिया अस्पताल की मेडिकल टीम ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समय पर जांच और प्राथमिक इलाज की व्यवस्था की। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार के वरिष्ठ नेताओं की सेहत को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सजग है।

मेदांता अस्पताल में भर्ती होने के बाद राजभर के इलाज की जिम्मेदारी एक विशेषज्ञ टीम को सौंपी गई है, जो न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और जनरल मेडिसिन के डॉक्टरों का समन्वित पैनल है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उनकी सभी जरूरी जांचें कराई जा रही हैं, जिनमें MRI और ब्लड टेस्ट भी शामिल हैं।

फिलहाल राजभर को पूर्ण आराम की सलाह दी गई है और उन्हें अस्पताल में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि स्थिति में सुधार इसी तरह बना रहा, तो आने वाले कुछ दिनों में उन्हें छुट्टी भी दी जा सकती है।

ओम प्रकाश राजभर की तबीयत बिगड़ने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता की लहर दौड़ गई। लखनऊ और उनके गृह जिले में लोग उनकी कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। अस्पताल में भी कई समर्थक और शुभचिंतक पहुंचे, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सभी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

राजभर के परिवार ने अपील की है कि सभी लोग धैर्य बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। उनकी स्थिति स्थिर है और डॉक्टर पूरी गंभीरता से इलाज कर रहे हैं।

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