मायावती और आकाश आनंद (फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया है। मायावती के इस कदम के बाद यूपी की राजनीति गरमा गई है। हांलाकि बसपा सुप्रीमो ने अपने भाई आनंद कुमार और रामजी गौतम को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। दरअसल, बीते दिनों आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया था। वहीं अब इस कार्रवाई के बाद चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ स्थित बसपा दफ्तर पर रविवार को पार्टी के पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी। बैठक में मायावती के भतीजे आकाश आनंद और ईशान को छोड़कर बाकी सभी नेता मौजूद रहे। आकाश के बैठक में शामिल न होने के बाद से तमाम तरह की अटकलें लगने लगी थी। बैठक खत्म होने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
मायावती के ताजा फैसले से आकाश आनंद के खेमे में सन्नाटा छा गया है। बता दें कि आकाश आनंद को 2022 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी थी। 10 दिसम्बर 2023 को आकाश आनंद को उन्होंने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। पिछले साल मई में लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित भाषण देने पर उन्होंने आकाश को अपरिपक्व बताते हुए सभी पदों से हटा दिया था। हालांकि कुछ दिन बाद ही जून महीने की 23 तारीख को उन्होंने बसपा की बैठक में आकाश आनंद को फिर से नेशनल कोआर्डिनेटर बनाने का ऐलान किया था। इसके साथ यह माना जा रहा था कि आकाश ही उनके उत्तराधिकारी हैं।
मायावती ने साफ साफ कहा कि जीतेजी वो किसी को भी अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं करेंगी। जो लोग मेरे नाम का दुरुपयोग कर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम करेंगे, उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। बता दें कि बीएसपी की लखनऊ में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश सहित आल-इंडिया लेवल के सभी छोटे-बड़े पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में विभिन्न स्तर पर पार्टी संगठन की तैयारियों, कैडर के आधार पर जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के अलावा पार्टी को हर स्तर पर मज़बूत करने के निर्देश दिये गए। बहुजन समाज पार्टी इस समय काफी बुरे दौर से गुजर रही है। बीते कुछ सालों में पार्टी की हालत बहुत ख़राब हो गई है. चुनाव-दर-चुनाव बीएसपी का ग्राफ़ गिरता जा रहा है। बीएसपी अपने सबसे मज़बूत गढ़ में सबसे संकट में है। आज़ाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर रावण विकल्प बन कर उभर रहे हैं। ऐसे में अब पार्टी में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
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