सिंगर मासूम शर्मा ने किया ऐलान, ‘कार्यक्रमों में हथियार वाले गाने गात रहूंगा’

CHANNEL4 NEWS INDIA


हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने साफ कह दिया है कि वे अपने बैन हुए गाने लाइव शो और कार्यक्रमों में गाते रहेंगे। उनका कहना है कि कानून की नजर में उनके गाने बैन नहीं हैं, बल्कि ये सिर्फ यूट्यूब पर ब्लॉक किए गए हैं। इसलिए अगर कहीं भी लाइव कार्यक्रम में पब्लिक उनसे बैन गाने सुनना चाहेगी, तो वे बिना झिझक वही गाएंगे। चाहे देश में कहीं भी शो हो, अगर डिमांड होगी तो बैन गाने परफॉर्म किए जाएंगे। दरअसल दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मासूम शर्मा ने “बैन काफिला” नाम से अपने वर्ल्ड टूर का पोस्टर जारी किया। उन्होंने बताया कि इस टूर के तहत वे अलग-अलग देशों में जाकर परफॉर्म करेंगे। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सुनना चाहते हैं, वही वे गाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब उन्होंने ‘शिव तांडव’ गाया, तो 2 साल में उस गाने को मुश्किल से 5 लाख व्यूज़ मिले, जबकि ‘जेल में खटोला’ और ‘चंबल के डाकू’ जैसे गानों को एक ही दिन में 10 लाख से ज्यादा व्यूज़ मिल जाते हैं। इससे साफ है कि लोग किस तरह के गाने सुनना पसंद करते हैं।

गानों पर पाबंदी से क्राइम नहीं रुकता: मासूम शर्मा

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार अब तक गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले करीब 30 गाने बैन कर चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा 14 गाने मासूम शर्मा के हैं। हाल ही में एक बैन गाना गाने पर चंडीगढ़ में उनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मासूम ने कहा कि मार्च में एबीवीपी के एक कार्यक्रम में उन्हें बुलाया गया था और प्रशासन ने शर्त रखी थी कि वे कोई भी बैन गाना नहीं गाएंगे। उस समय उनके 10 गाने बैन थे और उन्होंने उनमें से कोई भी नहीं गाया, बल्कि ‘चंबल के डाकू’ गाया था, जो उस वक्त बैन नहीं था लेकिन बाद में बैन कर दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर गन कल्चर वाले गानों पर पाबंदी से क्राइम रुक सकता है, तो अब क्राइम पूरी तरह खत्म हो जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है।

केंद्र सरकार से कानून बनाने की अपील

मासूम शर्मा ने सवाल उठाया कि अगर गन कल्चर गलत है, तो फिर सिर्फ हरियाणा में ही क्यों गानों पर बैन लगाया जा रहा है और वो भी चुनिंदा कलाकारों पर। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस विषय पर एक समान कानून बनाया जाए, ताकि पूरे देश में फिल्मों और गानों में इस तरह की सामग्री को बढ़ावा ही न दिया जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा की रीजनल म्यूजिक इंडस्ट्री ने पिछले वर्षों में काफी तरक्की की है, लेकिन अगर यहां के गानों में बदलाव कर सिर्फ ‘सुरक्षित’ कंटेंट दिया जाएगा, तो श्रोता फिर से पंजाब के गानों की ओर लौट सकते हैं। मासूम ने यह भी कहा कि वे सरकार को दोष नहीं दे रहे, लेकिन मानते हैं कि सरकार को कुछ लोग गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं। उनके मुताबिक, उनके शो तक बैन किए गए और कई बार प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ा। फिर भी वे अपने वर्ल्ड टूर की तैयारी कर रहे हैं। राजनीति में जाने के सवाल पर मासूम ने कहा कि फिलहाल उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन भविष्य में मौका मिला तो वे अपनी विचारधारा के अनुसार किसी पार्टी से जुड़ सकते हैं।

Rupesh Jha

Recent Posts

जयपुर में “सहकार से समृद्धि” पर पहली क्षेत्रीय कार्यशाला, सहकारी सुधारों को मिलेगी नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विज़न को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी…

8 hours ago

राघव चड्ढा पर केजरीवाल की सामने आई पहली प्रतिक्रिया

राघव चड्ढा समेत 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी को बड़ा सियासी…

12 hours ago

वक्त से पहले होगी बारिश, देश में समय से पहले मानसून देगा दस्तक ! IMD ने दी जानकारी

अप्रैल की शुरुआत से ही देश के कई राज्यों में गर्मी ने तेजी पकड़ ली…

13 hours ago

राघव चड्ढा ने छोड़ी AAP, दो तिहाई सांसदों के साथ BJP में होंगे शामिल

AAP में बड़ी फूट की खबर सामने आई है। 'आम आदमी पार्टी' के संस्थापक सदस्य…

13 hours ago

कंसाई नेरोलैक ने अपने पेंट को भारतीय इतिहास के सबसे कठिन टेस्ट से पार किया

मुंबई, महाराष्ट्र, भारत कुछ लोग सिर्फ दावे करते हैं और कुछ लोग दावे साबित करते…

14 hours ago

राजधानी देहरादून में निकाली गई ‘महिला जन आक्रोश रैली’, CM धामी भी हुए शामिल

देहरादून में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां…

14 hours ago