जयपुर: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। 3 अक्टूबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और आचार संहिता लागू होने से कुछ समय पहले 15 RAS अधिकारियों के तबादले किए गए, जबकि 10 अधिकारियों को APO (Awaiting Posting Order) किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार दोपहर 3 बजे पंचायती राज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही ग्रामीण राजस्थान में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, जिसके बाद चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादलों पर निर्वाचन नियम लागू हो जाते हैं।
चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
राजस्थान में इस बार पंचायतीराज चुनाव चार चरणों में होंगे। खास बात यह है कि पहली बार प्रदेश में पंचायत चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव 23 अक्टूबर से शुरू होकर 14 नवंबर तक चलेंगे। वहीं सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव 25 अक्टूबर से 16 नवंबर तक होंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव का परिणाम 20 नवंबर को घोषित किया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण राजस्थान में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
15 RAS अधिकारियों के तबादले
कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत कई RAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद शामिल हैं।
तबादला सूची में नरेंद्र पाल सिंह को अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, जैसलमेर लगाया गया है। वहीं अनिल कुमार पूनिया को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी दी गई है। श्याम सुंदर बेनीवाल को ब्यावर से उपखंड अधिकारी, हनुमानगढ़ लगाया गया है।
10 RAS अधिकारी APO
तबादलों के अलावा सरकार ने 10 RAS अधिकारियों को APO किया है। इनमें अलवर नगर निगम आयुक्त लक्ष्मीकांत कटारा, एडीएम झुंझुनूं अजय कुमार आर्य, एडीएम जैसलमेर परसाराम, डूंगरपुर जिला परिषद CEO हनुमान सिंह राठौड़, बारां एडीएम भंवर लाल जनागल समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
आचार संहिता से पहले क्यों हुआ फेरबदल?
पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद चुनाव से संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध लागू हो जाता है और विशेष परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग की अनुमति की आवश्यकता पड़ सकती है।
इसी वजह से चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से ठीक पहले हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इन तबादलों के पीछे किसी राजनीतिक रणनीति को लेकर अलग से कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का कार्यक्रम अब जारी हो चुका है। चुनाव चार चरणों में होंगे और नामांकन प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी। पंचायत चुनाव में जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच और पंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब चुनावी प्रक्रिया के दौरान नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर रहेगी।
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