महाराष्ट्र और झारखंड में भले ही दोनों पार्टियों ने अपने-अपने राज्यों में सत्ता पर कब्जा जमा लिया हो लेकिन चुनाव के दौरान किए गए वादे इन दोनों राज्यों की फाइनेंशियल हेल्थ बिगाड़ने वाले साबित हो सकते हैं। दरअसल सत्ता पर वापसी के लिए महाराष्ट्र में महायुति ने वहां की जनता से खूब भर भर के वादे किए। उधर झारखंड में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस की सरकार ने वहां के लोगों के सामने वादों का पिटारा खोला। वहीं अब जब सत्ता में दोनों ने वापसी की है तो दोनों सरकारों पर वादों को पूरा करने का दबाव होगा।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के…
रायपुर: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यक्रमों और नीतियों के प्रभावी निर्माण एवं क्रियान्वयन में…
रायपुर: आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से…
रायपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के नालंदा हॉल में आज छठा दीक्षांत समारोह गरिमामय…
रायपुर: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में आज राजधानी रॉयल्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना…
इस्लामाबाद अमेरिका के दबाव और सीमा पर बढ़ती परेशानियों के बीच पाकिस्तान और ईरान के…