Uncategorized

हरियाणा में लागू होंगे नए कलेक्टर रेट, एक अगस्त से ज़मीन खरीदना-बेचना होगा महंगा

CHANNEL4 NEWS INDIA


हरियाणा में 1 अगस्त 2025 से नए कलेक्टर रेट लागू होने जा रहे हैं। इसका सीधा असर जमीन खरीदने-बेचने वालों पर पड़ेगा, क्योंकि रजिस्ट्रियों के लिए अब नई दरें लागू होंगी जो पहले से ज्यादा होंगी। इससे सरकार को तो ज्यादा राजस्व मिलेगा, लेकिन आम आदमी की जेब पर ज़रूर बोझ बढ़ेगा। पिछले साल सरकार ने 1 जनवरी और 1 दिसंबर को कलेक्टर रेट में संशोधन किया था, और ये दरें 30 मार्च 2025 तक मान्य थीं। इसके बाद अब तक पुरानी दरों पर ही जमीन की रजिस्ट्रियां हो रही थीं, जिससे राजस्व विभाग को नुकसान हो रहा था। अब 2025-26 के लिए नए रेट 1 अगस्त से लागू होंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में रेवेन्यू विभाग ने सभी मंडल कमिश्नरों और जिलों के उपायुक्तों को इसके आदेश दे दिए हैं।

आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ

कलेक्टर रेट बढ़ने का मतलब होता है कि किसी ज़मीन या प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री अब उच्च दरों पर होगी। इससे न सिर्फ प्रॉपर्टी की क़ीमत बढ़ेगी बल्कि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाला स्टांप शुल्क भी ज्यादा देना पड़ेगा। सरकार के लिए यह कदम राजस्व बढ़ाने का जरिया है, लेकिन आम नागरिकों को इससे अधिक खर्च करना पड़ेगा।इस बार कलेक्टर रेट में 5% से 25% तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। पिछले साल जब दरों में संशोधन हुआ था, तब भी कुछ इलाकों में 12% से लेकर 32% तक की बढ़ोतरी की गई थी। खासकर दिल्ली से सटे एनसीआर के जिलों में रेट तेजी से बढ़ाए गए थे, क्योंकि वहां की जमीन पहले से ही महंगी है। उदाहरण के तौर पर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोहना, पटौदी, बल्लभगढ़ जैसे इलाकों में 30% तक रेट बढ़ाए गए थे।

10% से 25% तक की वृद्धि के प्रस्ताव

हालांकि, 2025-26 के लिए कलेक्टर दरों में संशोधन पहले नहीं हो सका था। करीब तीन महीने पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें रेट बढ़ाने के फैसले को स्थगित कर दिया गया था। उस वक्त राजस्व विभाग ने कहा था कि पुरानी दरें ही फिलहाल लागू रहेंगी और नई दरों पर विचार आगे होगा।इसके बावजूद कुछ जिलों ने अपने स्तर पर ही 10% से 25% तक की वृद्धि के प्रस्ताव तैयार कर लिए थे और सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित करने की तैयारी भी कर ली थी। हालांकि, सरकार ने साफ किया कि उसने अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मांगी थी। दरअसल, पिछले संशोधन को हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे, इसलिए नई बढ़ोतरी को फिलहाल टाल दिया गया था।राजस्व विभाग के अनुसार, इस साल दो बड़े चुनावों (लोकसभा और विधानसभा) की वजह से भी कलेक्टर दरों में संशोधन लटका रहा। लोकसभा चुनाव के चलते अप्रैल में यह फैसला टालना पड़ा और फिर अगस्त में विधानसभा चुनावों की घोषणा हो गई। नई सरकार ने अक्टूबर में कार्यभार संभाला और दिसंबर 2024 में ही पिछली बार कलेक्टर रेट में संशोधन किया गया था।

कलेक्टर रेट का क्या मतलब होता है?

कलेक्टर रेट जमीन की न्यूनतम तय कीमत होती है जिस पर सरकारी तौर पर रजिस्ट्री की जा सकती है। इससे कम कीमत पर रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं होती। यह दरें हर साल बदली जाती हैं, ताकि जमीन की वास्तविक कीमत और सरकारी मूल्यांकन में अंतर को कम किया जा सके। पहले जब दरें तय नहीं होती थीं, तो रजिस्ट्री में गड़बड़ियों की गुंजाइश रहती थी, लेकिन अब इस पर काफी हद तक रोक लगी है।हर जिले में स्थानीय प्रशासन ही यह तय करता है कि कौन-से इलाके में कितनी दर रखनी है। इसके लिए वैल्यूएशन कमेटी गठित की जाती है जो बाजार मूल्य, इलाके की मांग और विकास आदि के आधार पर दरों का प्रस्ताव तैयार करती है। लेकिन अंतिम फैसला राज्य सरकार और राजस्व विभाग ही लेते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने कार्यकाल में आदेश दिया था कि पूरे प्रदेश में एक समान और पारदर्शी नीति के तहत ही कलेक्टर रेट तय किए जाएं। इसके बाद से हर साल नए रेट तय करना सरकार की नियमित नीति बन गई है।

 

admin

Recent Posts

दिल्ली में क्यों नहीं रुक रहे बिल्डिंग हादसे? नियमों के बावजूद खड़ी हैं हादसों को दवात देती इमारतें

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध और कमजोर इमारतों का खतरा…

2 hours ago

शाहजहांपुर: पुलिसवाले ही बन गए किडनैपर, सर्राफा व्यापारी से की रंगदारी

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला…

3 hours ago

मायावती का नया सियासी दांव! आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव…

4 hours ago

उत्तराखंड के इन गांवों में पीलिया और डायरिया का कहर, 100 से ज्यादा बीमार, 2 की मौत

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता…

4 hours ago

11 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली महिला, नेपाल में चमत्कारिक रेस्क्यू

नेपाल के नुवाकोट जिले में राहत और बचाव अभियान के दौरान एक बेहद हैरान करने…

2 days ago

मंडी में अधिकारियों पर भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- अब काम दिखना चाहिए

हिमाचल प्रदेश के मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक…

2 days ago