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Israel-Iran war: ईरान हो गया तबाह, UNSC में उठा ईरान-इजरायल युद्ध का मुद्दा

ईरान-इजरायल के बीच छिड़ा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा, बल्कि दिन-प्रतिदिन और बढ़ता जा रहा है… इजरायल के साथ-साथ अमेरिका ने भी ईरान पर हवाई हमले करने शुरू किए हैं… जबकि इजरायल ने ईरान पर मौजूदा हमलों में फोर्डो न्यूक्लियर साइट को फिर से निशाना बनाया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि, ये हमला ठीक उसी जगह किया गया, जहां रविवार सुबह अमेरिका ने बस्टर बम गिराए थे। इजराइली सेना ने सोमवार सुबह ईरान के छह एयरपोर्ट- मशहद, तेहरान, हमादान, देजफुल, शाहिद बख्तरी और तबरीज पर भी ड्रोन हमले लिए। इनमें ईरान के 15 फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर नष्ट करने का दावा किया गया है। परमाणु ठिकानों पर लगातार हमले के बीच ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची ने कहा कि, ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकेगा। ईरान की मिलिट्री सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा, ‘गैम्बलर ट्रम्प, आपने युद्ध शुरू जरूर किया है, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे।

इजरायली सेना लगातार ईरान पर बमबारी कर रही है। खबर सामने आई है कि इजरायली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान और कराज को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर ताबड़तोड़ बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं। ताजा हमले में इजरायल के दक्षिणी इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। ईरान ने इजरायल इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन पर हमला किया। जिसके चलते कई शहरों की बिजली चली गई है। ईरानी हमले के दौरान करीब 35 मिनट तक पूरे इजरायल में सायरन बजता रहा।

ईरान पर अमेरिकी हमले का असर पाकिस्तान में देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान ने क्षेत्रीय स्थिति की चर्चा के लिए NSC की एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें इस पर चर्चा की गई.

वहीं, वॉशिंगटन आधारित मानवाधिकार समूहों के मुताबिक, इजरायली हमलों में 950 ईरानी नागरिक मारे गए हैं और  3 हजार 450 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं, इजरायल ने दावा किया है कि, युद्ध में अब तक 24 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 1000 से ज्यादा घायल हुए हैं।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासभा के महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमला एक खतरनाक मोड़ है। हमें तुरंत और निर्णायक रूप से कार्रवाई करनी होगी, ताकि लड़ाई रोकी जा सके। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर और बातचीत फिर से शुरू हो सके।

इसके अलावा रूस और चीन ने हमले की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत फु कोंग ने कहा कि, पश्चिम एशिया में हथियार के बल पर शांति स्थापित नहीं की जा सकती है। संवाद और कूटनीति ही समाधान का सही रास्ता है। ईरानी परमाणु मुद्दे पर कूटनीतिक विकल्प अभी समाप्त नहीं हुए हैं। शांति का रास्ता अब भी खुला है

जबकि रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने ईरान पर हमले की तुलना ईराक युद्ध से की। उन्होंने कहा कि, एक बार फिर अमेरिका हमें काल्पनिक कहानी परोस रहा है। अमेरिका के इस कदम से पश्चिम एशिया में लाखों लोगों को पीड़ा झेलनी पड़ेगी। इससे पता चलता है कि, अमेरिका ने इतिहास से कुछ नहीं सीखा।

वहीं, सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका ने कहा कि, अब निर्णायक कार्रवाई का समय है। अमेरिका ने सुरक्षा परिषद से अपील की है कि, ईरान से कहा जाए कि, वो इजरायल को मिटाने की अपनी नाकाम कोशिशों को बंद करे। परमाणु हथियार बनाने की अपनी कोशिशों को रोकें। ईरान परमाणु कार्यक्रमों को छिपाता रहता है।

वहीं, कतर ने भी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि, ये तनाव भयानक रूप ले सकता है। साथ ही, कुवैत, कतर और सऊदी अरब सहित आइएइए ने परमाणु साइट से किसी तरह के रेडिएशन के रिसाव की कोई सूचना नहीं दी है। मिस्र, जॉर्डन और यूएई जैसे देशों ने भी सभी पक्षों से क्षेत्रीय अस्थिरता से बचने का आग्रह करते हुए आगे तनाव नहीं बढ़ाने का आग्रह किया है। सऊदी अरब, यूएई, कतर, अमेरिका और ईरान दोनों को ही संकेत दे रहे हैं कि वे अपने हवाई क्षेत्र या ठिकानों का किसी तरह के हमले के लिए इस्तेमाल नहीं होने देंगे। साथ ही, ये देश ईरान के पलटवार की स्थिति में हाई अलर्ट पर हैं।

वहीं, तुर्की के विदेश मंत्रालय ने ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमले के नतीजों के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की है। तुर्किये विदेश मंत्रालय ने कहा कि केवल बातचीत से ही परमाणु विवाद का समाधान हो सकता है। सभी पक्षों से जिम्मेदारी से काम करने का आह्वान किया। बहरीन ने 70 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को अगले आदेश तक घर से काम करने को कहा है।

ऐसे में सवाल उठता है कि, ईरान पर इराजयर और अमेरिका का हमला.. अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन तो नहीं… क्योंकि, ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद जिस तरह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में तीखी बहस शुरू हो गई है, उससे ये साफ जाहिर होता है कि, कहीं ना कहीं ये अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.

Kirti Bhardwaj

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