हरियाणा

रोहतक में INLD ने किया ‘शक्ति प्रदर्शन’!, भूपेंद्र हुड्डा के गढ़ में गरजे अभय चौटाला, BJP और JJP पर भी किया कड़ा प्रहार

रोहतक में INLD ने किया ‘शक्ति प्रदर्शन’!

 

हरियाणा की राजनीति में उप प्रधानमंत्री देवीलाल का नाम आज भी बड़ा मायने रखता है। उनकी 112वीं जयंती पर इंडियन नेशनल लोकदल ने रोहतक में राज्यस्तरीय जननायक समारोह दिवस आयोजित किया गया… रोहतक को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है, इसलिए इस आयोजन ने खास राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है…

इस बार समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि, मंच पर ताऊ देवीलाल के पुराने साथी या उनके परिवारजन नजर नहीं आए। पंजाब से सिर्फ सुखबीर सिंह बादल पहुंचे। बिहार से न तो लालू प्रसाद यादव और न ही नीतीश कुमार का कोई प्रतिनिधि आया। जम्मू-कश्मीर से फारूख अब्दुल्ला या उमर अब्दुल्ला भी नहीं पहुंचे, सिर्फ उपमुख्यमंत्री ने औपचारिक बधाई दी।

उत्तर प्रदेश से भी न तो मुलायम सिंह यादव का परिवार आया और न ही अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी दिखे। यहां तक कि, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के आने की भी चर्चा थी, लेकिन वे भी मंच से मौजूद नहीं थे

वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो इसके पीछे दो बड़ी वजहें रहीं है। पहली, बिहार चुनावी व्यस्तता और दूसरी, कुछ दलों का BJP के साथ गठबंधन। अभय चौटाला खुद भी संकेत दे चुके थे कि, इस बार केवल वही नेता बुलाए गए हैं जो ताऊ देवीलाल के सिद्धांतों से जुड़े हैं और पारिवारिक रिश्ते भी रखते हैं।

वहीं इस रैली का सबसे बड़ा संदेश कांग्रेस से ज्यादा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ रहा। इनेलो नेताओं ने मंच से बार-बार हुड्डा परिवार को निशाना बनाया।

अभय चौटाला ने याद दिलाया हुए कहा कि, 1987 में देवीलाल ने 85 सीट जीतकर कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि, अब हालात दोबारा वैसे ही बन रहे हैं और जनता कांग्रेस को उखाड़ फेंकेगी।

इनेलो ने सिर्फ हुड्डा परिवार ही नहीं, बल्कि JJP को भी कठघरे में खड़ा किया। अभय चौटाला ने कहा कि, 2019 में देवीलाल का नाम लेकर JJP ने 10 सीटें जीतीं और दावा किया कि, BJP को जमुना पार भेज देंगे। लेकिन बाद में उन्होंने खुद BJP से हाथ मिला लिया। अभय ने कहा कि, तभी से जनता JJP से नाराज है और अब हरियाणा में उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं बचा है।

कार्यक्रम से पहले ऐसी अटकलें लग रही थीं कि, इनेलो की रैली में कई बड़े नेता पार्टी जॉइन करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हां, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री संपत सिंह मंच पर जरूर दिखे। उन्होंने खुद को ताऊ देवीलाल का शिष्य बताया और अभय चौटाला की हिम्मत की तारीफ की। हालांकि, उन्होंने इनेलो में शामिल होने का ऐलान नहीं किया।

गौरतलब है कि रोहतक सिर्फ इनेलो ही नहीं, बल्कि BJP के लिए भी अहम है। यही वजह है कि, हाल के दिनों में BJP के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता बार-बार रोहतक का दौरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद एक महीने में तीन बार यहां पहुंचे। BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री भी लगातार हुड्डा परिवार के गढ़ में संगठन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

देवीलाल की जयंती पर इनेलो का ये आयोजन हर बार तीसरे मोर्चे का मंच बनता था, लेकिन इस बार तस्वीर अलग रही। न बड़े चेहरे आए, न राष्ट्रीय स्तर पर कोई खास उपस्थिति दिखी।

हालांकि, इनेलो ने साफ कर दिया कि, उसका मुख्य मुकाबला कांग्रेस और हुड्डा परिवार से है। साथ ही उसने ये भी जताया कि, JJP अब जनता के भरोसे से बाहर हो चुकी है।

 
admin

Recent Posts

हाईवे पर घायल तेंदुए ने वन अधिकारी पर किया हमला, अस्पताल में चल रहा इलाज

कर्नाटक के दावणगेरे में घायल तेंदुए के रेस्क्यू के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया।…

1 hour ago

35 हजार निवेशकों से 500 करोड़ की ठगी का आरोप, दो भाई गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बदायूं और बरेली से निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी…

2 hours ago

हरियाणा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 26 IAS-HCS अधिकारियों के तबादले

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 26 IAS और HCS अधिकारियों…

5 hours ago

मार्केट में सोना-चांदी से महंगा हो रहा ये धातु, रिकॉर्ड हाई पर पहुंची कीमत

जब भी महंगी धातुओं में निवेश की बात होती है तो सबसे पहले सोना और…

6 hours ago

अनिरुद्धाचार्य का प्यार पर बयान वायरल, बोले- प्रेम से पहले आधार कार्ड देख लेना चाहिए

अनिरुद्धाचार्य महाराज का प्यार और शादी को लेकर दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर…

8 hours ago

दिवाली-छठ पर घर जाने वालों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने बढ़ाई स्पेशल ट्रेनों की अवधि, जल्दी करें चेक

दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ा…

8 hours ago