देश

India-Russia Strategic Partnership: भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी मजबूत, मोदी–पुतिन ने शांति समाधान पर जताई सहमति

India-Russia Strategic Partnership: भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी मजबूत

 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का दूसरा दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के बाद जॉइंट प्रेस मीट की, जिसमें दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी, वैश्विक मुद्दों पर सहयोग और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन की शुरुआत में पुतिन का स्वागत करते हुए कहा कि 23वें इंडिया-रूस बाइलेटरल समिट के लिए उनका भारत आना दोनों देशों के विश्वास और मित्रता की मिसाल है।

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने 25 साल पहले भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी थी और आज यह रिश्ता वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी स्थिर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं के रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दोनों नेता इंडिया-रूस बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे, जो व्यापारिक संबंधों को नई ताकत देगा।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर रूस के साथ भारत की साझा चिंता और सहयोग को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमला हो या मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल पर किया गया कायरतापूर्ण हमला—इन सबकी जड़ एक ही है और इनके खिलाफ वैश्विक एकता ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत साबित होगी।

मोदी ने यह भी कहा कि भारत और रूस इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए लंबे समय से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट है और रूस के साथ इस दिशा में हमारा गठजोड़ आगे और मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर भारत की स्थिति एक बार फिर स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों देशों ने लगातार बातचीत बनाए रखी है और राष्ट्रपति पुतिन ने समय-समय पर भारत को स्थिति की जानकारी दी है। मोदी ने कहा कि दुनिया को शांति का रास्ता तलाशना चाहिए और भारत हर उस प्रयास के साथ खड़ा है जो इस संघर्ष का शांतिपूर्ण और स्थाई समाधान खोजने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आगे भी इसमें रचनात्मक योगदान देता रहेगा।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने भारत-रूस संबंधों की ऐतिहासिक मजबूती का उल्लेख किया और कहा कि पिछले आठ दशकों में दुनिया कई संकटों से गुजरी है, लेकिन भारत-रूस की मित्रता एक “गाइडिंग स्टार” की तरह अडिग बनी रही। यह रिश्ता आपसी सम्मान, भरोसे और समान हितों की नींव पर टिका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही भरोसा हमें वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की ताकत देगा।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का नि:शुल्क ई-टूरिस्ट वीज़ा और ग्रुप टूरिस्ट वीज़ा शुरू करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क में तेजी आएगी।

दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा देने वाले कई अन्य क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया। मोदी ने बताया कि भारत और रूस समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं और अब भारतीय नाविकों को पॉलर वाटर्स में ट्रेनिंग देने की भी शुरुआत होगी। इससे आर्कटिक क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग मजबूत होगा और भारत के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।

मोदी ने बताया कि श्रम और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में भी भारत-रूस के बीच नए समझौते हुए हैं। वहीं, यूरेशियन इकॉनॉमिक यूनियन के साथ एफटीए को लेकर भी दोनों देशों के प्रयास तेज हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये आर्थिक पहल दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

प्रधानमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अक्टूबर में काल्मिकिया में होने वाले इंटरनेशनल बुद्धिस्ट फोरम में लाखों श्रद्धालुओं को भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन का सौभाग्य मिला। भारत और रूस का यह सांस्कृतिक जुड़ाव दोनों देशों के संबंधों को और गहराई देता है।

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में बार-बार भारत-रूस मित्रता की मजबूती, शांति की आवश्यकता और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई का संदेश प्रमुखता से सामने आया। पुतिन की मौजूदगी में हुए इस जॉइंट प्रेस मीट ने एक बार फिर दिखाया कि भारत और रूस अपनी रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊर्जा में बदलने के लिए तैयार हैं।

 

admin

Recent Posts

हर 5 में से 1 भारतीय कॉलेज स्टूडेंट ने शुरू किया बिजनेस, सरकारी नौकरी का क्रेज घटा

शिमला  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) मंडी ने REVA यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के साथ पार्टनरशिप में…

45 minutes ago

एमसीडी सदन में भारी हंगामा, महापौर के आसन पर फेंके कागज

एमसीडी सदन में बवाल: महापौर के आसन पर रखे कागज फेंके, माइक तोड़कर नीचे पटका,…

2 hours ago

एमसीडी सदन में भारी हंगामा, महापौर के आसन पर फेंके कागज

एमसीडी सदन में बवाल: महापौर के आसन पर रखे कागज फेंके, माइक तोड़कर नीचे पटका,…

2 hours ago

नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस पर दिया न्योता

नेतन्याहू की पीएम मोदी से बात: इस्राइली स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता,…

2 hours ago

पीडब्ल्यूडी सचिव ने सड़कों, पुलों, कॉलेज भवन और विश्राम गृह का किया निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी….

रायपुर: लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज राजनांदगांव और डोंगरगांव…

2 hours ago