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Hurun Global Rich List 2025: दुनिया के सबसे अमीर 10 लोगों की लिस्ट से मुकेश अंबानी बाहर, जानें अदाणी का हाल

Hurun Global Rich List 2025: पिछले साल की तुलना में कर्ज बढ़ने के कारण मुकेश अंबानी की संपत्ति में 1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। इसके कारण वे दुनिया के शीर्ष 10 सबसे अमीर लोगों की सूची से बाहर हो गए हैं। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 में यह दावा किया गया है। आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मुकेश अंबानी का हाल

मुकेश अंबानी, जिनकी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भारत के व्यवसायिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है, 2025 की हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट से बाहर हो गए हैं। अंबानी का नाम पिछले कई वर्षों तक दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में टॉप 10 में शुमार था, लेकिन इस बार उनका नाम बाहर हो गया है। उनके द्वारा किए गए बड़े निवेश, जैसे कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, नवीकरणीय ऊर्जा और खुदरा कारोबार, अब तक उस गति से सफल नहीं हो पाए हैं, जैसी अपेक्षाएँ थीं। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपने ऊर्जा और खुदरा कारोबार में खराब प्रदर्शन का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उनकी संपत्ति में भारी गिरावट आई है।

2025 के हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट के अनुसार, अंबानी की संपत्ति में पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से कंपनी के विभिन्न सेक्टर्स में धीमी वृद्धि और बढ़ते कर्ज के कारण हुई है। रिलायंस के ऊर्जा और खुदरा व्यवसायों में सुस्त वृद्धि और ऋण की बढ़ती समस्याएं कंपनी के लिए चुनौती बन गई हैं। निवेशकों की चिंता ने भी इस समस्या को और बढ़ाया है। हालांकि, अंबानी अभी भी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं और उनका रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में सबसे बड़ी कंपनी के रूप में बनी हुई है।

एलन मस्क: दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति

जहां मुकेश अंबानी का नाम टॉप 10 से बाहर हो गया है, वहीं एलन मस्क ने अपनी जगह बनाए रखी है। टेस्ला के CEO, एलन मस्क, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, मस्क की कुल संपत्ति में पिछले साल की तुलना में 82% या 189 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है, और उनकी संपत्ति अब 420 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। टेस्ला की सफलता और स्पेस एक्स की भविष्यवाणी के साथ मस्क का साम्राज्य लगातार बढ़ता जा रहा है। उनकी संपत्ति में यह उल्लेखनीय वृद्धि उनके विभिन्न व्यवसायों की सफलता का परिणाम है।

रोशनी नादर का इतिहास रचने वाला पल

इस वर्ष, भारतीय उद्योगपतियों में एक नई चेहरा उभरकर सामने आया है। एचसीएल की रोशनी नादर, जो कि एचसीएल टेक्नोलॉजी के संस्थापक शिव नादर की बेटी हैं, दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला बनीं। यह न केवल उनके व्यक्तिगत विकास का परिणाम है, बल्कि भारतीय महिलाओं के लिए भी एक बड़ा मुकाम है। रोशनी नादर एचसीएल में 47% हिस्सेदारी के साथ अपनी मां की भूमिका में आईं, जो उनके पिता ने हाल ही में उन्हें ट्रांसफर कर दी थी। एचसीएल का एक बड़ा हिस्सा अब उनके हाथ में है, और उनके परिवार की कुल संपत्ति लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।

रोशनी नादर का नाम दुनिया की शीर्ष 10 अमीर महिलाओं की लिस्ट में आने वाली पहली भारतीय महिला के रूप में जुड़ा है। यह एचसीएल कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि यह भारतीय तकनीकी उद्योग में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करता है। उनका नाम अब न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रेरणा के रूप में देखा जाता है।

अडानी ग्रुप, जो कि भारत के प्रमुख उद्योग समूहों में से एक है, का हाल भी हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट में महत्वपूर्ण स्थान पर रहा है। गौतम अडानी ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी संपत्ति में भारी वृद्धि की थी, लेकिन इस साल उनके साम्राज्य की स्थिति थोड़ी कमजोर दिखाई दी है। हालांकि, अडानी अभी भी एशिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं, लेकिन उनकी संपत्ति में इस वर्ष कमी आई है। अडानी के विभिन्न उद्योग, जैसे कि ऊर्जा, बंदरगाह और खनन, अभी भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इनकी बढ़ती समस्याएं भी सामने आई हैं। विशेषकर, कुछ महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं में देरी और बैंकों से लिए गए कर्ज को लेकर चिंताएं मौजूद हैं, जिससे अडानी ग्रुप के विकास में रुकावटें आई हैं।

हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025: प्रमुख निष्कर्ष

हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले। इस लिस्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीर लोगों की संपत्ति में भारी वृद्धि हुई है, खासकर एलन मस्क के मामले में, जिन्होंने अपनी संपत्ति में 82% की वृद्धि देखी। वहीं, मुकेश अंबानी के कर्ज और धीमी प्रगति के कारण उनकी संपत्ति में भारी गिरावट आई, जिससे उनका नाम टॉप 10 से बाहर हो गया।

रोशनी नादर ने इस लिस्ट में ऐतिहासिक सफलता हासिल की, और अडानी ग्रुप का प्रदर्शन भी भारत और एशिया के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बना रहा। हालांकि, भारतीय उद्योगपतियों के सामने बढ़ते कर्ज और विकास की धीमी गति जैसी समस्याएं हैं, जो उनकी संपत्ति और व्यवसायों की भविष्यवाणी पर प्रभाव डाल सकती हैं।

Vishal Singh

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