उत्तराखंड में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं और चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून सक्रिय है। पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर सहित कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी।
भारी बारिश के कारण बागेश्वर जिले की कई ग्रामीण सड़कों पर मलबा आ गया है। करीब 14 सड़कें बंद होने से लगभग 50 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। प्रशासन जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कें साफ कराने और यातायात बहाल करने में जुटा हुआ है।
चमोली जिले के गुलाबकोटी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया। सड़क खोलने का काम तेजी से जारी है। वहीं बद्रीनाथ धाम में बारिश के कारण श्रद्धालुओं की संख्या कम हुई है, हालांकि मंदिर में दर्शन सामान्य रूप से जारी हैं। लगातार खराब मौसम के चलते बद्रीनाथ यात्रा पर भी असर देखने को मिल रहा है।
रुद्रप्रयाग जिले में धारी देवी के पास सिरोबगड़ क्षेत्र में भी ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया। इससे चारधाम यात्रा पर निकले कई श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की अपील की है।
खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम के लिए संचालित सभी हेलीकॉप्टर सेवाओं को फिलहाल 5 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। मौसम की स्थिति के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बागेश्वर में 98 मिमी, देहरादून में 62 मिमी, पिथौरागढ़ में 60 मिमी और चंपावत में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है।
मॉनसून को देखते हुए ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक और राफ्ट संचालक नियमों की अनदेखी करते हुए नदी में उतरते दिखाई दिए, जिस पर प्रशासन ने सख्ती बरतने की बात कही है।
गुरुवार सुबह सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण रास्ता बंद हो गया। जिला आपदा प्रबंधन विभाग की टीम जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को जल्द खोलने का प्रयास कर रही है।
इससे पहले विकासनगर के यमुनोत्री-उत्तरकाशी राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बारिश के दौरान पहाड़ी से एक विशाल पत्थर चलती कार पर गिर गया, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि कार में सवार पूरा परिवार सुरक्षित बच गया। बाद में पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और सड़क पर यातायात बहाल कराया।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। इसी बीच मॉनसून से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 2 जुलाई को राज्य के कई जिलों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी।
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