हरियाणा सरकार ने रेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम मासिक शुल्क को खत्म कर दिया है। प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी ने खुद इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, अब बिजली का बिल सिर्फ खपत हुई यूनिट के आधार पर बनाया जाएगा।
उन्होंने एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया कि इस फैसले के बाद हरियाणा के लोगों को सिर्फ उस बिजली का ही बिल मिलेगा, जितनी यूनिट की वे खपत करेंगे। बयान के मुताबिक, ‘‘इस फैसले के बाद अब हरियाणा के लोगों को खपत की गई बिजली के आधार पर ही बिल मिलेगा। इससे बिजली उपभोक्ताओं को बेहद जरूरी राहत मिल पाएगी।’’
वहीं, सीएम सैनी ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत अंबाला में अतिरिक्त सब्सिडी योजना की शुरुआत करते हुए यह घोषणा की। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को छत पर सौर इकाई लगाने के लिए केंद्र सरकार 60,000 रुपये सब्सिडी देगी। यह सब्सिडी उन परिवारों को ही मिलेगी जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है।
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