एक बार फिर अपनी पार्टी से खफा हुए ‘गब्बर’!एक बार फिर अपनी पार्टी से खफा हुए ‘गब्बर’!

एक बार फिर अपनी पार्टी से खफा हुए ‘गब्बर’!

 

 

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने X अकाउंट पर मिनिस्टर शब्द हटाया….. अनिल विज के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा गई है… अब अनिल विज के X के अकाउंट पर उनके नाम के साथ केवल अंबाला कैंट, हरियाणा लिखा हुआ दिख रहा है

सूत्रों के अनुसार, ये बदलाव बुधवार को हुआ है। पहले विज ने X पर अपने नाम के साथ मिनिस्टर हरियाणा, इंडिया लिखा हुआ था। इस बदलाव की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है, लेकिन इसके बाद से सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं।

इसे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि, “अंबाला छावनी में कुछ लोग समानांतर बीजेपी चला रहे हैं, जिनको ऊपर वालों का आशीर्वाद भी प्राप्त है। पार्टी का बहुत नुकसान हो रहा है

इस के साथ ही अनिल विज ने अपने फॉलोअर्स से ये भी पूछा कि, उन्हें इस हालात में क्या करना चाहिए। उनके इस पोस्ट पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी आईं। एक यूजर डॉ. विशेष ने कमेंट किया कि, “आप इनेलो जॉइन कर लो, आजकल सारा रिजेक्टेड सामान वहीं इकट्ठा कर रहे हैं।”

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आपकों बता दें कि, अनिल विज की नाराजगी की एक बड़ी वजह हाल ही में हुई मुलाकात को माना जा रहा है। दरअसल, अंबाला बीजेपी के पूर्व कोषाध्यक्ष आशीष तायल 11 सितंबर को उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चंडीगढ़ पहुंचे और CM सैनी से मुलाकात की।

इस दौरान इंडस्ट्रियल एरिया में भरे टांगरी नदी के पानी और उसकी निकासी का मुद्दा उठाया गया। आशीष तायल ने मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा कीं।

ऐसा माना जा रहा है कि, यही तस्वीरें विज के गुस्से की वजह बनीं। उन्होंने CM और तायल की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर कर उन्हें “गद्दार” तक कहा था। हालांकि तायल ने सफाई देते हुए कहा कि, वे सिर्फ उद्योगपतियों की समस्या लेकर CM से मिलने गए थे।

इस विवाद पर अंबाला बीजेपी जिलाध्यक्ष मनदीप राणा ने कहा कि, पार्टी में सबकुछ सामान्य चल रहा है। उन्होंने साफ किया कि, समानांतर बीजेपी चलाने की अनुमति किसी को नहीं है। राणा के मुताबिक, “ये पोस्ट विज साहब ने क्यों की है, इसका जवाब वही दे सकते हैं। हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है और इसमें किसी तरह की गुटबाजी नहीं है।”

गौरतलब है कि, ये पहली बार नहीं है जब अनिल विज ने पार्टी और नेतृत्व पर सवाल उठाए हों।

• 30 जनवरी को उन्होंने कहा था कि, वे ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वहां जारी आदेशों का पालन नहीं होता।

• 31 जनवरी को उन्होंने सीएम नायब सैनी पर तंज कसते हुए कहा था कि, वे “उड़न खटोले पर रहते हैं और जनता के बीच नहीं उतरते।”

• 1 फरवरी को विज ने कहा था, “मेरी आत्मा की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।” इस दौरान उन्होंने फिल्म पुष्पा की स्टाइल भी दिखाई थी।

• 2 फरवरी को रोहतक में उन्होंने कहा, “मेरी सिनियरिटी और विधायकी कोई नहीं छीन सकता। मंत्री पद छीनना चाहें तो छीन लें।” साथ ही सोनीपत में उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग तक कर दी थी।

इस के अलावा 1 फरवरी को विज ने सीएम नायब सैनी और उनके समर्थकों की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्हें गद्दार तक बताया था। तस्वीरों पर “गद्दार” का ठप्पा लगाकर बैकग्राउंड में फिल्मी गाना जोड़कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

अनिल विज की इस नई पोस्ट ने हरियाणा की सियासत में फिर से हलचल मचा दी है। पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। हालांकि बीजेपी नेतृत्व बार-बार ये दावा करता रहा है कि, पार्टी एकजुट है। अब देखना होगा कि, विज की ये नाराजगी कितनी गहरी होती है और इसका असर आने वाले चुनावों पर किस तरह पड़ता है।

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