35 हजार निवेशकों से 500 करोड़ की ठगी का आरोप, दो भाई गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बदायूं और बरेली से निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में यूपी STF और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर करीब 35 हजार से ज्यादा निवेशकों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़पने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के डायरेक्टर शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों करीब डेढ़ साल से फरार चल रहे थे।

STF और बदायूं पुलिस ने की गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, यूपी STF की नोएडा यूनिट और कोतवाली बदायूं पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ बदायूं के कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब इस पूरे मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

35 हजार निवेशकों से 500 करोड़ की ठगी का आरोप, दो भाई गिरफ्तार (Photo- ITG)

ज्यादा रिटर्न का लालच देकर जुटाए पैसे

पुलिस का आरोप है कि दोनों भाइयों ने अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के जरिए लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया। निवेशकों को उनके पैसे पर अच्छा रिटर्न देने का भरोसा दिया गया। बताया जा रहा है कि इस तरह बदायूं, बरेली, पीलीभीत समेत कई जिलों के लोगों से बड़ी रकम जमा की गई। पुलिस के मुताबिक, कुल रकम 500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। अकेले बदायूं में ही करीब 15 हजार निवेशकों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।

बदायूं और बरेली में पहले से दर्ज थे केस

बदायूं की SSP अंकिता शर्मा के मुताबिक, शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य के खिलाफ बदायूं और बरेली में पहले से कई मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख भी किया था। हालांकि, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद पुलिस के लिए दोनों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।

दोनों भाइयों पर था 50-50 हजार रुपये का इनाम

पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पहले से प्रयास किए जा रहे थे। बरेली रेंज के DIG ने 1 जुलाई 2025 को दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने पर 50-50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। डेढ़ साल से फरार चल रहे दोनों भाइयों को आखिरकार STF और बदायूं पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

निवेशकों को पैसे वापस मिलने की उम्मीद

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का अगला फोकस इस कथित वित्तीय धोखाधड़ी की पूरी कड़ी का पता लगाने और निवेशकों की रकम की रिकवरी पर है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि निवेशकों से जमा की गई रकम कहां और किस तरह इस्तेमाल की गई। पुलिस की कार्रवाई से उन हजारों लोगों को अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद जगी है, जिन्होंने इस कंपनी में निवेश किया था।

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