दिल्ली

Encephalitis: दिल्ली में जापानी इंसेफेलाइटिस का पहला केस, स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट, जानलेवा है बीमारी

दिल्ली में जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) का पहला मामला सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लिया है और अलर्ट जारी कर दिया है। एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और महामारी विज्ञानियों को निर्देश दिया है कि वे मच्छरों के लार्वा स्रोत में कमी लाने के उपायों को तेज करें और जापानी इंसेफेलाइटिस के रोकथाम और नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। इसके अलावा, विभाग ने समुदाय आधारित पहल की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

जापानी इंसेफेलाइटिस मच्छरों के काटने से फैलता है और यह एक जानलेवा वायरल बीमारी है। संक्रमित मच्छर संक्रमित जानवरों को काटते हैं और फिर यह वायरस इंसान में फैलता है। इस बीमारी के अधिकांश मामले हल्के लक्षणों के साथ होते हैं, जैसे कि बुखार, सिरदर्द, और उल्टी। हालांकि, गंभीर मामलों में यह बीमारी मस्तिष्क पर हमला करती है, जिससे भ्रम, दौरे और कोमा जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बच्चों में यह बीमारी अधिक घातक होती है, क्योंकि उनमें दौरे और अन्य मस्तिष्क संबंधित लक्षण अधिक देखे जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी खासकर ग्रामीण इलाकों में अधिक फैलती है, जहां स्वच्छता की कमी और मच्छरों का अधिक प्रजनन होता है। ऐसे क्षेत्रों में जहां पहले से जापानी इंसेफेलाइटिस के मामले अधिक हैं, वहां यात्रा करने से इस बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। गर्मियों और मानसून के मौसम में जापानी इंसेफेलाइटिस के मामले अधिक देखे जाते हैं, और बच्चों में इसके गंभीर प्रभाव होने की संभावना अधिक होती है, क्योंकि वयस्कों में समय के साथ प्राकृतिक प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि इस बीमारी से बचने के लिए स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए, घरों के आसपास पानी जमा होने से रोकना चाहिए और मच्छरों से बचाव के उपायों को अपनाना चाहिए। इसके अलावा, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 2013 से जापानी इंसेफेलाइटिस के स्थानिक जिलों में बच्चों के लिए वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू किया गया है। दो खुराक वाली वैक्सीन, पहली 9 महीने की उम्र में खसरे के साथ और दूसरी 16-24 महीने की उम्र में डीपीटी बूस्टर के साथ दी जाती है। यह टीका बच्चों को जापानी इंसेफेलाइटिस और इसके कारण होने वाली गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जापानी इंसेफेलाइटिस की रोकथाम ही इसका सबसे अच्छा उपचार है। मच्छरों से बचाव, स्वच्छता बनाए रखना और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई सावधानियों को अपनाकर इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रह सकते हैं।

 

ये भी पढ़ें…

अजमेर दरगाह विवाद: ओवैसी का भाजपा और संघ पर हमला, पूजास्थल अधिनियम पर उठाए सवाल

अब संसद में नजर आएगा पूरा गांधी परिवार, Priyanka Gandhi ने ली संसद सदस्य की शपथ

admin

Recent Posts

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से प्रदेश के श्रद्धालुओं को मिल रहा निःशुल्क तीर्थ दर्शन का अवसर….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के…

6 hours ago

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका : संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा….

रायपुर: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यक्रमों और नीतियों के प्रभावी निर्माण एवं क्रियान्वयन में…

6 hours ago

‘सेवा सेतु’ केन्द्र के माध्यम से दिलीप कुमार को एक दिन में मिला जाति प्रमाण पत्र….

रायपुर: आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से…

6 hours ago

आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित….

रायपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के नालंदा हॉल में आज छठा दीक्षांत समारोह गरिमामय…

6 hours ago

राजधानी रॉयल्स पर 4-3 की जीत के बाद चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब….

रायपुर: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में आज राजधानी रॉयल्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना…

6 hours ago

ईरान के फैसले से पाकिस्तान में पेट्रोलियम संकट? LPG और तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

इस्लामाबाद  अमेरिका के दबाव और सीमा पर बढ़ती परेशानियों के बीच पाकिस्तान और ईरान के…

6 hours ago