भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स के मैदान पर खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का दूसरा दिन पूरी तरह रोमांच से भरपूर रहा। भारत ने जहां अपनी पहली पारी 471 रनों के विशाल स्कोर पर समाप्त की, वहीं इंग्लैंड ने ओली पोप के शानदार शतक और बेन डकेट के अर्धशतक की मदद से अच्छी वापसी की। हालांकि दिन का अंत भारत के नाम रहा, क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड की शीर्ष क्रम पर करारा प्रहार करते हुए तीन अहम विकेट चटका दिए।
दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत की पहली पारी चल रही थी और टीम ने पहले दिन ही शानदार नींव रख दी थी। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल, कप्तान रोहित शर्मा और मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर तथा रवींद्र जडेजा ने उपयोगी पारियां खेली थीं। हालांकि, दूसरे दिन भारत ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया और 471 रन पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। यह स्कोर इंग्लैंड की परिस्थितियों में बेहद प्रतिस्पर्धात्मक माना जा सकता है।
रवींद्र जडेजा ने 87 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने तेज़ तर्रार अंदाज़ में 52 रन जोड़े। इंग्लैंड की ओर से सबसे सफल गेंदबाज जेम्स एंडरसन रहे जिन्होंने तीन विकेट चटकाए, जबकि क्रिस वोक्स और मार्क वुड को दो-दो सफलताएं मिलीं।
इंग्लैंड की पारी की शुरुआत निराशाजनक रही। सलामी बल्लेबाज जैक क्रावली को जसप्रीत बुमराह ने सिर्फ 4 रन पर क्लीन बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। बुमराह की तेज़ और स्विंग करती गेंदें इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए शुरू से ही परेशानी का सबब बनी रहीं।
हालांकि, इसके बाद इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप और बेन डकेट ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए शानदार साझेदारी की और शुरुआती झटके के बाद टीम को संभाला। दोनों ने संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी का संतुलन बनाते हुए भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता से दूर रखा।
पोप और डकेट ने दूसरे विकेट के लिए 122 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। दोनों ने परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालते हुए बेहतरीन स्ट्रोक्स खेले और स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। डकेट ने 68 गेंदों में 9 चौकों की मदद से अर्धशतक पूरा किया और 62 रन बनाकर बुमराह की गेंद पर बोल्ड हुए।
ओली पोप ने भी पूरी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की और पहले अर्धशतक फिर शानदार शतक जमाया। उन्होंने 125 गेंदों में 12 चौकों की मदद से शतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर का एक और अहम शतक था, जो संकट की स्थिति में उनकी बल्लेबाजी परिपक्वता को दर्शाता है।
जब ऐसा लगने लगा था कि इंग्लैंड भारत की बढ़त को कम करने में सफल रहेगा, तब जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर कमाल दिखाया। इस बार उन्होंने इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज जो रूट को 28 रन पर आउट कर दिया। रूट स्लिप में करुण नायर को आसान सा कैच थमा बैठे। रूट और पोप के बीच तीसरे विकेट के लिए 79 रन की साझेदारी हुई थी।
बुमराह की यह तीसरी सफलता थी और इससे भारत को खेल में एक बार फिर पकड़ मजबूत करने का मौका मिला। स्टंप्स तक इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 209 रन बना लिए थे। टीम भारत से अब भी 262 रन पीछे है।
दूसरे दिन के पहले दो सत्रों में भारतीय गेंदबाजों को सिर्फ एक ही सफलता मिली थी, जब बुमराह ने क्रावली को आउट किया था। इसके बाद टी ब्रेक तक इंग्लैंड का स्कोर एक विकेट पर 107 रन हो चुका था। पोप 48 और डकेट 53 रन बनाकर नाबाद थे। दोनों ने इस दौरान आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और भारतीय स्पिनरों को विकेट के लिए तरसा दिया।
टी ब्रेक के बाद भी इंग्लैंड की बल्लेबाजी में वही स्थिरता बनी रही। पोप ने अपने अर्धशतक को शतक में बदला, जबकि डकेट को बुमराह ने बोल्ड कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई।
दूसरे दिन का अंतिम सत्र भारत के पक्ष में गया। पहले बुमराह ने डकेट को बोल्ड किया और फिर रूट का अहम विकेट भी लेकर इंग्लैंड को दबाव में ला दिया। इस बीच ओली पोप क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने एक छोर से टीम को संभाले रखा। दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 209 रन बना लिए थे, पोप 100 रन पर नाबाद थे जबकि उनके साथ हैरी ब्रूक बिना खाता खोले मैदान पर थे।
दूसरे दिन का सबसे बड़ा आकर्षण जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी रही। उन्होंने न केवल इंग्लैंड को शुरुआती झटका दिया बल्कि समय-समय पर विकेट लेकर भारत को गेम में बनाए रखा। उन्होंने क्रावली, डकेट और रूट जैसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और दिखाया कि क्यों उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज माना जाता है।
उनकी स्विंग, यॉर्कर और लाइन-लेंथ ने बल्लेबाजों को बार-बार परेशान किया। बुमराह की गेंदबाजी ने भारत को एक बार फिर से मैच में वापसी का मौका दिया है।
भारत की पहली पारी के 471 रन के जवाब में इंग्लैंड की टीम अभी भी 262 रन पीछे है। हालांकि ओली पोप क्रीज पर डटे हुए हैं और अगर वह अपनी पारी को आगे बढ़ा पाते हैं तो इंग्लैंड वापसी की उम्मीद कर सकता है। लेकिन भारत की मजबूत गेंदबाजी इकाई को देखते हुए इंग्लैंड के लिए पहली पारी में भारत के स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
टीम इंडिया की रणनीति अब इंग्लैंड को 350 से कम स्कोर पर समेटने की होगी ताकि दूसरी पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर इंग्लैंड को दबाव में डाला जा सके।
तीसरे दिन का खेल अब निर्णायक होने जा रहा है। इंग्लैंड की कोशिश होगी कि वह पहले पारी में कम से कम 400 रन तक पहुंचे ताकि मैच में संतुलन बना रहे। वहीं भारत का लक्ष्य तीसरे दिन इंग्लैंड के बाकी सात विकेट जल्दी निकालना होगा। भारतीय स्पिनरों से भी अब उम्मीदें हैं कि वे तीसरे दिन कुछ असरदार प्रदर्शन करेंगे।
जसप्रीत बुमराह के अलावा मोहम्मद सिराज, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की भूमिका तीसरे दिन अहम रहेगी। वहीं बल्लेबाजी में विराट कोहली और शुभमन गिल को दूसरी पारी में अहम पारी खेलनी होगी।
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