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Bahraich: में साम्प्रदायिक हिंसा पर CM योगी ने लिया संज्ञान

Bahraich: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हाल ही में हुई साम्प्रदायिक हिंसा ने पूरे जिले में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। घटना बीते रविवार को दुर्गा पूजा के दौरान विसर्जन यात्रा में हुई, जब डीजे बजाने को लेकर विवाद भड़क उठा। इस विवाद में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।

दअरसल महाराजगंज में विसर्जन यात्रा निकाली गई थी। जब यात्रा दूसरे समुदाय के इलाके में पहुंची, तो डीजे बंद करने को लेकर विवाद हो गया। शोभायात्रा में शामिल लोगों का आरोप था कि दूसरे पक्ष ने डीजे को बंद कर दिया और गाली-गलौज की। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना था कि शोभायात्रा के दौरान आपत्तिजनक गाने बजाए गए। इस विवाद के चलते पत्थरबाजी और फायरिंग हुई, जिसमें रामगोपाल मिश्रा नामक युवक की मौत हो गई।वहीं मृतक युवक के अंतिम संस्कार के दौरान, हजारों की भीड़ हाथों में लाठी-डंडे लेकर इकट्ठा हो गए। परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया, जिसके बाद भीड़ हिंसक हो गई। उन्होंने दूसरे समुदाय के लोगों के घरों और दुकानों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ और आगजनी की। अस्पताल और बाइक शोरूम भी इसकी चपेट में आ गए।Bahraich

वहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, लेकिन भीड़ बिखरने के बजाय और उग्र हो गई। इससे पहले कि प्रशासन स्थिति को संभाल पाता, घटना की खबर लखनऊ तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी के साथ घटना का विडियो सोशल मिडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मृतक युवक धार्मिक झंडे को उखाड़ता नजर आया। यह वीडियो घटना के कारणों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। वीडियो में युवक को उकसाने वाली भीड़ दिख रही थी, जिसने उसकी हत्या के बाद विवाद को और बढ़ा दिया।Bahraich

बता दें कि, इस घटना में पुलिस और प्रशासन की चूक स्पष्ट है। स्थिति को संभालने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके परिणामस्वरूप स्थिति बेकाबू हो गई। इंटरनेट सेवाओं को भी रोकना पड़ा, और आसपास के जिलों को हाईअलर्ट पर रखा गया। पुलिस ने मामले में 10 नामजद और 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और लगभग 30 लोगों को हिरासत में लिया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एडीजी लॉ और STF प्रमुख अमिताभ यश ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। उन्होंने आंसू गैस के गोले भी दागे और भीड़ को तितर-बितर करने में मदद की।Bahraich

बहराइच की यह घटना साम्प्रदायिक तनाव और प्रशासनिक विफलता की एक गंभीर मिसाल है। इसे रोकने के लिए आवश्यक है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए। शांति और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, और इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।Bahraich

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