Chhattisgarh Industrial Policy 2024-30: छत्तीसगढ़ बना निवेश का नया हब, ₹8.22 लाख करोड़ के प्रस्ताव से लाखों रोजगार की उम्मीद

रायपुर
 छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों वाले राज्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के एक तेजी से उभरते हुए आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। 1 नवंबर 2024 से राज्य में प्रभावी हुई नई औद्योगिक विकास नीति (2024-2030) के लागू होने के बाद से ही पूरे प्रदेश में पूंजी निवेश का अत्यंत सकारात्मक और अनुकूल माहौल निर्मित हुआ है। उद्योगों को दिए जा रहे निरंतर प्रोत्साहन, पारदर्शी एवं सरल प्रक्रियाओं तथा आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के चलते विगत ढाई वर्षों में राज्य को 264 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन वृहद निवेश परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के 1.72 लाख से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने की प्रबल संभावना है।

प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से 154 औद्योगिक परियोजनाएं वर्तमान में भूमि आबंटन, संयंत्र निर्माण या प्रारंभिक उत्पादन के उन्नत चरण में पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा 18 इकाइयाँ सफलतापूर्वक अपना व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, जबकि 65 अन्य इकाइयाँ तेजी से निर्माणाधीन हैं। देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, जगदलपुर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जापान के ओसाका शहर में उच्चस्तरीय ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया था। इसी समयावधि के भीतर प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना भी दर्ज की गई है, जिसके माध्यम से ₹22,117.03 करोड़ का नया पूंजी निवेश आया है और 50,807 स्थानीय नागरिकों को सीधे रोजगार प्राप्त हुआ है।

रोजगार-केंद्रित नई औद्योगिक नीतियां, AI, सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल बने निवेश के नए इंजन

नई औद्योगिक विकास नीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पहली बार पूरी तरह से रोजगार-केंद्रित और समावेशी दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। इसमें स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति (EPF Reimbursement) और 1,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने वाली बड़ी इकाइयों के लिए विशेष कस्टमाइज्ड वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। मई-2025 में इस नीति में दूरगामी संशोधन करते हुए ‘रोजगार सृजन सब्सिडी’ और ‘एम्प्लायमेंट मल्टिप्लायर’ जैसी नई व्यवस्थाएं जोड़ी गईं, जिससे रोजगार देने वाले उद्योगों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिल सके। इसके साथ ही, विनिर्माण के साथ-साथ सेवा क्षेत्र (Service Sector) के भी 43 प्रमुख उप-क्षेत्रों को औद्योगिक प्रोत्साहन के दायरे में शामिल किया गया है।

वित्तीय प्रोत्साहन संरचना के अंतर्गत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की इकाइयों को 150 प्रतिशत तक के अभूतपूर्व वित्तीय इंसेंटिव्स दिए जा रहे हैं। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फार्मास्युटिकल जैसे ‘थ्रस्ट सेक्टर्स’ के लिए विशेष आर्थिक पैकेज लागू किए गए हैं। इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि नवा रायपुर में भारत की दूसरी सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई और देश का पहला समर्पित एआई डेटा सेंटर एसईजेड (AI Data Center SEZ) तेजी से आकार ले रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ अब उच्च-तकनीकी उद्योगों की नई वैश्विक संभावनाओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-30 के प्रमुख प्रोत्साहन और प्रावधान

    लचीले इंसेंटिव विकल्प (Incentive Options): निवेशकों के लिए नेट एसजीएसटी (Net SGST) प्रतिपूर्ति मार्ग या फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (FCI) सब्सिडी मार्ग में से अपने अनुकूल विकल्प का चयन करने की सुविधा उपलब्ध है।

    कैपिटल सब्सिडी एवं ब्याज अनुदान: एमएसएमई (MSME) और बड़े उद्योगों के लिए श्रेणी और जिले के विकास स्तर (Group A/B/C) के आधार पर 15% से 45% तक पूंजीगत सब्सिडी और 40% से 70% तक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान।

    रोजगार एवं ईपीएफ इंसेंटिव: छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए 75% तक ईपीएफ प्रतिपूर्ति (प्रतिवर्ष ₹1 करोड़ तक) तथा अतिरिक्त एम्प्लायमेंट मल्टिप्लायर सब्सिडी।

    शुल्क एवं कर छूट: उद्योगों की स्थापना पर स्टाम्प ड्यूटी, मंडी शुल्क में 100% छूट और 6 से 15 वर्षों के लिए बिजली शुल्क (Electricity Duty) में पूर्ण छूट की सुविधा।

    विशेष वर्गों हेतु अतिरिक्त सब्सिडी: अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST), महिला उद्यमियों, पूर्व सैनिकों, दिव्यांगजनों, थर्ड जेंडर और नक्सल प्रभावित व्यक्तियों द्वारा स्थापित उद्यमों के लिए 10% से 25% तक अतिरिक्त सब्सिडी और मार्जिन मनी सहायता।

    थ्रस्ट सेक्टर और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट: फार्मा, आईटी/आईटीईएस, ग्रीन एनर्जी, एआई और लॉजिस्टिक्स पार्क्स के लिए उच्च सीमा वाली विशेष सब्सिडी तथा निर्यात परिवहन अनुदान (Export Transport Subsidy) का प्रावधान।

नवा रायपुर और आगामी परियोजनाओं का भव्य रोडमैप

राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और उनके सुगम संचालन के लिए सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में व्यापक और ऐतिहासिक संस्थागत सुधार किए हैं। इसके अंतर्गत एक नया डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल लागू किया गया है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों की 150 से अधिक औद्योगिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराई जा रही हैं। निवेशकों को real-time सहायता, परामर्श और समस्याओं के त्वरित निवारण हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एआई प्रणाली ‘वाणी’ (VANI) की शुरुआत की गई है। प्रशासनिक लालफीताशाही को समाप्त करने और प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए 500 से अधिक सरलीकरण सुधार लागू किए गए हैं। साथ ही, दो जन विश्वास अधिनियमों के जरिए 279 पुराने कड़े प्रावधानों को पूरी तरह अपराधमुक्त (Decriminalize) किया गया है। जोखिम-आधारित वर्गीकरण (Risk-based classification) अपनाकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला अग्रणी राज्य बन गया है।

इन दूरदर्शी सुधारों का प्रतिफल राज्य में स्थापित हो रही देश की शीर्ष और विशालकाय निवेश परियोजनाओं में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। नवा रायपुर में पॉलीमेटेक कंपनी द्वारा ₹1,143 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से भारत की दूसरी अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई की स्थापना का काम जोर-शोर से प्रारंभ हो चुका है। इसके अतिरिक्त, रैकबैंक द्वारा ₹1,000 करोड़ से अधिक के निवेश से देश के पहले एआई स्पेशल इकोनॉमिक जोन (AI SEZ) के तहत विशाल एआई-समर्थित डेटा सेंटर की स्थापना प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

प्राकृतिक संसाधनों के वैल्यू एडिशन और टेक्सटाइल क्षेत्र में नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल को राज्य के पहले बड़े गारमेंट व अपैरल उद्योग के लिए भूमि आबंटित की गई है, जिससे अकेले 4,600 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा राजनांदगांव के बिजेतला में ₹10,500 करोड़ के भारी-भरकम निवेश से एक विशाल फर्टिलाइजर प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। इस परियोजना से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भूमि आबंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिकीकरण को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगी।

Rupesh Jha

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